अपनी मार्केटिंग और हौसलों से बाजार को फिर से गुलजार करने के लिए व्यापारियों ने कमर कस ली है। बेशक लॉकडाउन ने ट्राइसिटी के बाजार को 2500 करोड़ की चपत लगा डाली पर व्यापारियों ने हार नहीं मानी। अब जब बाजार खुला तो नई शुरुआत करने आ गए। ग्राहकों को खींचने के लिए नई नई रणनीति तैयार होने लगी है। लॉकडाउन के इफेक्ट तो बाजार में हैं पर सुलझे व्यापारी उनमें नहीं उलझ रहे हैं। उनका सीधा सा फार्मूला है काम करो और आगे बढ़ो। लॉकडाउन ने ट्राइसिटी को जबरदस्त झटका दिया है।
चाहे करियाना का कारोबार हो या फिर आटो मार्केट और सर्राफा बाजार। सभी में पच्चीस करोड़ से लेकर पांच सौ करोड़ तक का झटका लगा। एक्सपर्ट बताते हैं कि व्यापार एक दूसरे से जुड़ा है। मसलन, करियाना का ज्यादा व्यापार होटल और रेस्टोरेंट की इंडस्ट्री से जुड़ा है। रेस्टोरेंट और होटल इंडस्ट्री बंद होने से नुकसान ज्यादा हो गया। वहीं दूसरी ओर सर्राफा बाजार का नुकसान शादी के सीजन के निकलने के कारण हो गया। यही समय था जबकि लोग गाड़ियां भी खरीदते थे पर लॉकडाउन के कारण धंधा एकदम मंदा हो गया।
अब कई व्यापारी तो सामान को निकालने के लिए उसे सस्ता करने लगे हैं। मसलन, सोना चांदी हो या फिर करियाना का बाजार, दामों में गिरावट आ चुकी है। करियाना का कारोबार अब हो गया मंदा करियाना व्यापारियों के लिए लाकडाउन के बाद मुसीबत हो गई है। करियाना मार्केट के एक्सपर्ट सुनील कंसल ने बताया कि करियाना का व्यापार होटल रेस्टोरेंट के बिजनेस से सीधे जुड़ा है। होटल और रेस्टोरेंट लॉकडाउन में बंद रहे। इसकी वजह से ट्राइसिटी की मार्केट का दो माह में दो सौ करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
सुनील कंसल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान करियाना का सारा कारोबार आम ग्राहकों पर ही टिक गया। लेकिन काफी ग्राहकों ने अनिश्चितता की स्थिति को देखते हुए काफी कुछ सामान भर लिया। इसकी वजह से अब सेल एकदम गिर गई। नतीजा यह हुआ कि करियाना के प्रोडक्ट्स की सेल के लिए कई लोगों को दाम कम करने पडे। मसलन, मसालों के दाम में बीस फीसदी की गिरावट आ गई तो वहीं ड्राईफ्रूट भी बीस फीसदी तक सस्ता हो गया।