पंजाब सरकार ने कोविड-19 के विरुद्ध जंग में बेमिसाल सेवाएं निभाने वाले पुलिस मुलाजिमों और डॉक्टरों को सम्मानित करने का फैसला लिया है। इसके तहत पंजाब पुलिस की और से 108 पुलिस कर्मचारियों, स्वास्थ्य विभाग के 3 डॉक्टरों, 1 समाज सेवी और पीजीआई के 7 डॉक्टरों, 1 नर्स और पूरे नर्सिंग व अटेंडेंट स्टाफ को प्रतिष्ठित डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ऑनर एंड डिस्क के लिए चुना गया है। फरीदकोट के एक समाजसेवी, जिन्होंने गरीबों को सूखे राशन और पके खाने की सप्लाई के लिए एनजीओज को एक सांझे प्लेटफार्म पर लाया, का इस पुरस्कार के लिए चयन किया गया है।
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पुरस्कार के लिए चुने गए पीजीआई के डॉक्टरों में से 4 डॉक्टर प्लास्टिक सर्जरी विभाग और एक पुरस्कार इसी अस्पताल की नर्स शीतल के नाम शामिल हैं। इनके अलावा पीजीआई के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के पूरे नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल अटेंडेंट्स को सांझा अवॉर्ड दिया जाएगा। डीजीपी ने बताया कि पुरस्कार के लिए चुने गए पुलिस मुलाजिमों में एएसपी (4), डीएसपी (14), इंस्पेक्टर(14), सब इंस्पेक्टर(13), एएसआई(21) और हैड कांस्टेबल व कांस्टेबल(42) शामिल हैं।
पीजीआई के ये डॉक्टर होंगे सम्मानित
पीजीआई के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के 4 डॉक्टर- डॉ. मोहसिना सुबेर, डॉ. गौतम कमपल्ली, डॉ. अंशु तिवारी, डॉ. तारुश गुप्ता और पीजीआई के एनसथीसिया विभाग के 3 डॉक्टर डॉ. निधी पांडा, डॉ. राशि सरना, डॉ. कनिका चिटोरिया को सम्मानित किया जाएगा। पीजीआई स्टाफ को 12 और 14 अप्रैल को दो सफल सर्जरियों और सर्जरी के बाद के इलाज व देखभाल का सेहरा जाता है, जिससे एसआई हरजीत सिंह को जल्द छुट्टी मिली और उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ।
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मेडिकल व पैरा मेडिकल के 121 लोगों का पुरस्कार के लिए चयन
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पुरस्कार की तीसरी कड़ी में बेमिसाल सेवाएं निभाने वाले 121 अधिकारी, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, अस्पताल अटेंडेंट का चयन किया गया है, जिन्होंने कर्फ्यू/ लॉकडाउन के दौरान ड्यूटी लाइन से आगे बढ़कर लोगों की सेवा की। डीजीपी ने कहा कि डॉ. अमन शर्मा, जोकि लुधियाना (ग्रामीण) के पुलिस अस्पताल में मेडिकल अफसर हैं, ने पुलिस स्टेशनों और ड्यूटी प्वाइंटों पर पुलिस अधिकारियों की नियमित मेडिकल जांच की।
फाजिल्का की डॉ. सुनीता रानी, जो सिविल सर्जन द्वारा नोडल अधिकारी के तौर पर जुड़ी हैं, ने हाल ही में अन्य राज्यों से फाजिल्का में दाखिल होने वाले कोरोना के संदिग्ध मरीजों की निगरानी, एकांतवास करने और टेस्टिंग करने में सराहनीय काम किया है। सिविल सर्जन तरन तारन के दफ़्तर में जिला ऐपीडेमीओलौजिस्ट के तौर पर तैनात डॉ. बिधि लार्ड सिंह जमीनी स्तर पर नमूने लेने और कोविड टेस्टिंग की कोशिशों की निजी तौर पर निगरानी कर रहे हैं, और सिविल अस्पताल तरन तारन में मुख्य कोऑर्डिनेटर हैं।
फरीदकोट के सक्रिय समाज सेवी परवीन कुमार काला ने फरीदकोट की एनजीओ के साथ प्रभावशाली तालमेल स्थापित किया और उन्हें एक मंच पर लाए। वह गरीबों और जरूरतमंदों को सूखा राशन, पका हुआ भोजन और दवाएं मुहैया करवा रहे हैं और आवारा पशुओं की देखभाल और उन्हें चारा भी प्रदान कर रहे हैं।
इन पुलिसकर्मियों की सेवाएं भी रहीं बेमिसाल
अमृतसर ग्रामीण के एएसआई रफी मोहम्मद ने गरीबों और जरूरतमंदों का पेट भरने के लिए अपना वेतन भी खर्च दिया। इस उद्देश्य के लिए मुस्लिम भाईचारे के साथ-साथ उन्होंने प्रवासी मजदूरों के साथ भी संपर्क स्थापित किया। बटाला पुलिस के हैड कांस्टेबल अमरीक सिंह ने दिल के दौरे से पीड़ित एक व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिरोजपुर की महिला कांस्टेबल कर्मजीत कौर, जो कर्फ्यू के दौरान गरीबों / जरूरतमंदों की सहायता के लिए बनाई गए ‘मे आई हेल्प यू ग्रुप’ की सक्रिय मेंबर हैं, अपनी सुरक्षा खतरे में डाल कर झुग्गी झोंपड़ी वालों और प्रवासी मजदूरों को पका हुआ खाना और राशन देने जाती रहीं।
सब-इंस्पेक्टर प्रभजोत कौर को सोशल मीडिया प्लेटफार्मों द्वारा कोरोना वायरस के रोकथाम संबंधी उपायों बारे आम लोगों में जागरूकता लाने और घर -घर दवाएं पहुंचाने के लिए सम्मानित किया गया है। एएसपी जालंधर (ग्रामीण) अंकुर गुप्ता ने गरीबों और जरूरतमंदों को पका हुआ भोजन और सूखे राशन के वितरण और 24 घंटे सहायता प्रदान करने के लिए फील्ड में लंबा समय काम किया।
एसएचओ पुलिस थाना सदर धूरी, एएसपी आदित्य ड्रोन और अन्य तकनीकी तरीकों की मदद से धूरी में कर्फ्यू को लागू कर रहे हैं और इस तरह कोविड -19 के फैलाव को रोकने में सहायता प्रदान कर रहे हैं। फरीदकोट के सब इंस्पेक्टर लखवीर सिंह ने कोविड -19 के मरीजों, एनआरआई और हाल ही में पंजाब लौटे व्यक्तियों का पता लगाने में सराहनीय काम किया।
एएसआई जगतार सिंह ने दिल की बीमारी से जूझ रही महिला, जो कर्फ्यू में फंस गई थी, को अपनी कार में गांव मंडियाला (मलसिया) से टैगोर अस्पताल लाए और उसके परिवार को आर्थिक मदद की भी पेशकश की। इंस्पेक्टर सनी खन्ना एसएचओ कीरतपुर ने कीरतपुर साहिब क्षेत्र में निजी सरायों में क्वारंटीन सेंटरों की स्थापना की पहल की।
स्पैशल ब्रांच बटाला के डीएसपी प्रेम कुमार ने जरूरतमंद गरीबों की पहचान करने में मुख्य भूमिका निभाई, जबकि गुरदासपुर के डीएसपी राजेश ककड़ ने ग़ैर सरकारी संगठनों के साथ मिलकर काम किया और उनको तकरीबन 2500 जरूरतमन्द परिवारों को सूखा राशन बाँटने के लिए प्रेरित किया। अमृतसर ग्रामीण से एएसआई नरेन्द्र सिंह ने अपने क्षेत्र में प्रवासी आबादी के लिए सूखे राशन की सप्लाई के अलावा वालंटियरों द्वारा 500 मास्क तैयार करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फरीदकोट के सब इंस्पेक्टर लखवीर सिंह ने कोविड -19 के मरीजों, एनआरआई और हाल ही में पंजाब लौटे व्यक्तियों का पता लगाने में सराहनीय काम किया। एएसआई जगतार सिंह ने दिल की बीमारी से जूझ रही महिला, जो कर्फ्यू में फंस गई थी, को अपनी कार में गांव मंडियाला (मलसियां) से टैगोर अस्पताल लाए और उसके परिवार को आर्थिक मदद की भी पेशकश की। इंस्पेक्टर सनी खन्ना एसएचओ कीरतपुर ने कीरतपुर साहिब क्षेत्र में निजी सरायों में क्वारंटीन सेंटरों की स्थापना की पहल की।
स्पेशल ब्रांच बटाला के डीएसपी प्रेम कुमार ने जरूरतमंद गरीबों की पहचान करने में मुख्य भूमिका निभाई, जबकि गुरदासपुर के डीएसपी राजेश ककड़ ने गैर सरकारी संगठनों के साथ मिलकर काम किया और उनको तकरीबन 2500 जरूरतमंद परिवारों को सूखा राशन बांटने के लिए प्रेरित किया। अमृतसर ग्रामीण से एएसआई नरेंद्र सिंह ने अपने क्षेत्र में प्रवासी आबादी के लिए सूखे राशन की सप्लाई के अलावा वालंटियरों द्वारा 500 मास्क तैयार करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।