मंडियों में भीड़ न लगे सबने इस पर अपने विचार रखे। खेतीबाड़ी से जुड़े लोगों को डीसी पास जारी करेंगे, इसके निर्देश दे दिए गए हैं। फसल खरीद के इंतजामों को लेकर सभी दलों के नेताओं ने अपने सुझाव दिए। खरीद प्रणाली की निगरानी करने का भी सुझाव आया है। गेहूं की खरीद प्रक्रिया के लिए 10 हजार लोगों की जरूरत होगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी या दूसरे विभागों के कर्मचारियों का सहयोग लिया जाएगा।
16 हजार मजदूर आश्रय गृहों में हैं, जिनमें से सवा हजार लोग वापस अपने स्थान पर जा रहे हैं। कॉटन सीड किसानों को उचित मात्रा में मिले इसके प्रयास जारी हैं। साढ़े 4 हजार कंबाइन के अलावा अतरिक्त कंबाइन फसल कटाई में लगाई जाएंगी। खेतों के लिए मशीनरी व रिपेयर के लिए दुकानें विशेष परमिट देकर खोली जाएंगी। इसके लिए जिला प्रशासन को आदेश दिए हैं।
विपदा में ऋण लेने से आपत्ति नहीं: मनोहर
सीएम मनोहर लाल ने राष्ट्रीय संकट की घड़ी में सभी दलों के नेताओं के एकजुटता के साथ हर कदम पर साथ देने के आश्वासन पर आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के कदमों की विपक्षी पार्टियों ने सराहना की है। राजस्व में मार्च 2020 में लगभग 2300 करोड़ रुपये की कमी रही है व अप्रैल में लगभग 4000 करोड़ रुपये कम आने का अनुमान है।
विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने सहमति दी है कि इस घड़ी में सरकार कर्ज ले तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं, महामारी से निपटना सबकी प्राथमिकता है। कर्मचारियों के 70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सहयोग हरियाणा कोरोना राहत कोष में करने की भी प्रशंसा की गई। भविष्य में कर्मचारियों के वेतन व अंशदान के लिए कर्मचारी संघों से विचार विमर्श कर आम सहमति बनाई जाएगी।
बराला ने ये दिए सुझाव
- कर्मचारी यूनियनों के पदाधिकारियों से वेतन कटौती के लिए बात करें।
- सभी दलों के प्रदेशाध्यक्षों को अपने पूर्व विधायकों से कोरोना राहत कोष में पेंशन से सहयोग की बात करनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष हुड्डा ने ये कहा-
- किसानों, कर्मचारियों और कोरोना योद्धाओं के बारे में चर्चा कर सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
- लोगों की जान बचाने में जुटे डॉक्टर, पुलिस, सफाईकर्मियों, मेडिकल, पैरामेडिकल और तमाम ऑन ड्यूटी स्टाफ का जताया आभार।
- किसानों के दाने-दाने की खरीद सुनिश्चित करे सरकार।
- कोरोना से लड़ रहे तमाम स्वास्थ्य और सफाई कर्मचारियों को मिले बीमा कवर।
- कांग्रेस विधायक एक माह का वेतन व पूर्व विधायक एक महीने की पेंशन देंगे।
- सरकार गांवों में खरीद केंद्रों का चयन जल्द कर ले।
- डंगवारा (खेत में एक-दूसरे की मदद करना) परंपरा के तहत कटाई और कढ़ाई में एक-दूसरे की मदद करें।
- पोर्टल पर पंजीकरण न करा पाने वाले किसानों की खरीद सुनिश्चित की जाए।