कोरोना जानलेवा महामारी बनती जा रही है, लेकिन देश के डॉक्टर और नर्स इस मुसीबत के समय में भी अस्पतालों में डटे हैं और अपना फर्ज निभा रहे हैं। मां आप हमारी बात क्यों नहीं मानतीं। आखिर आप ही कोरोना पॉजिटिव मरीजों के वार्ड में ड्यूटी क्यों करेंगी, बाकी नर्सिंग स्टाफ भी तो है।
मेरा जवाब यही होता है कि सीनियर होने के नाते मेरी जिम्मेदारी बाकियों से ज्यादा है। जहां तक कोरोना की बात है तो रब सबकी रक्षा करेगा। यह कहना है सेक्टर 16 स्थित गवर्नमेंट मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में कार्यरत परमिंदरजीत का। परमिंदर दो हफ्ते से लगातार अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 12 घंटे ड्यूटी कर रही हैं। परमिंदरजीत के पति सरकारी नौकरी करते हैं। वो उनका घर संभालने में सहयोग कर रहे हैं।
नर्सिंग के शपथ से मिलती है ताकत
परमिंदरजीत का कहना है कि जब कभी ड्यूटी के दौरान खुद को कमजोर महसूस करती हूं नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान ली गई शपथ को याद कर लेती हूं, जिसमें मानव सेवा के लिए खुद को समर्पित करने की सीख दी गई है। मैं खुद के साथ ही अन्य स्टाफ को भी उसके बारे में बताकर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास करती हूं। इस समय मेरे साथ 7 अन्य नर्सिंग स्टाफ भी आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी कर रहे हैं। फर्क इतना है कि मेरे वार्ड में सिर्फ पॉजिटिव मरीजों को ही रखा जा रहा है जबकि अन्य वार्ड में संदिग्ध मरीज भर्ती किए गए हैं।