पीजीआई से शुक्रवार को कोरोना के दो मरीज ठीक होकर घर लौटे। इनमें सेक्टर 38 निवासी 79 साल की महिला और सेक्टर 30 निवासी एक 9 साल की बच्ची शामिल है। इसके अलावा एक अन्य मरीज ने कोरोना को मात दी है। हालांकि, उसे अभी डिस्चार्ज नहीं किया गया है। उसे किसी अन्य बीमारी के चलते अस्पताल के दूसरे वार्ड में रेफर कर दिया गया है।
दो डिस्चार्ज होने वाले मरीजों को कोरोना संक्रमण के बाद पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान दो बार रिपीट टेस्ट नेगेटिव आने पर अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इसके साथ चंडीगढ़ में कोरोना को मार देकर घर जाने वाले कुल संक्रमित लोगों की संख्या 40 हो गई है। पिछले 5 दिनों में चंडीगढ़ के 15 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। 11 मई को 4, 12 मई को 2, 13 मई को 2, 14 मई को 5 और 15 मई को 3 मरीज अस्पताल से छुट्टी लेकर घर पहुंचे।
कोरोना को मात देने वाली 79 साल की वृद्धा सबसे उम्रदराज मरीज
पीजीआई से शुक्रवार को डिस्चार्ज होने वाली सेक्टर 38 निवासी 79 साल की महिला चंडीगढ़ की अब तक की सबसे उम्रदराज मरीज हैं। कोरोना संक्रमित होने के बाद बुजुर्ग को 29 अप्रैल को पीजीआई में भर्ती किया गया था। उस दौरान हार्ट प्रॉब्लम और सांस लेने में दिक्कत समेत कई अन्य गंभीर समस्याएं थीं।
शुरुआती दौर में कई दिनों तक आईसीयू में रखना पड़ा लेकिन धीरे-धीरे सेहत में सुधार होना शुरू हुआ और वह कोरोना को मात देने में सफल रही। पीजीआई के डीन एकेडमी डॉ. जीडी पुरी का कहना है कि आत्मशक्ति और जीत की इच्छा के बल पर महिला ने उम्र के इस पड़ाव में कोरोना जैसी गंभीर बीमारी को मात देने में सफल रही।
शुक्रवार को पीजीआई में भर्ती कोरोना के दो अन्य मरीजों की रिपोर्ट रिपीट टेस्ट में नेगेटिव आई है। इसमें सेक्टर 15 निवासी 67 साल का बुजुर्ग और हरियाणा के मारकंडा निवासी 52 साल का पुरुष शामिल है। बता दें कि स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याओं के कारण उन्हें फिलहाल पीजीआई से डिस्चार्ज नहीं किया गया है।
पीजीआई प्रशासन का कहना है कि कोरोना संक्रमण से दोनों मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं लेकिन उन्हें दूसरी अन्य बीमारियों के इलाज के लिए फिलहाल पीजीआई में ही संबंधित यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया है। इन मरीजों के साथ ही चंडीगढ़ में कोरोना को हराने वालों की संख्या 40 हो गई है।