चंडीगढ़ में कोरोना के केस दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में अब पीजीआई में मरीजों के लिए बेड की संख्या कम हो रही है। पीजीआई के पास कोरोना के गंभीर मरीजों को रखने के लिए अब सिर्फ 45 बेड ही खाली रह गए हैं। ऐसे में जिन राज्यों से मरीज रेफर होकर पीजीआई पहुंचे थे, उन्हें इलाज के बाद पीजीआई ने वापस भेजने का काम शुरू कर दिया है ताकि बेड की संख्या को बढ़ाया जा सके।
पीजीआई में अभी 1280 नॉन-कोविड मरीज गंभीर अवस्था में भर्ती हैं। इनमें से कई मरीज इमरजेंसी की हालात में पीजीआई लाए गए थे, जबकि कई सर्जरी आदि के बाद पीजीआई में भर्ती हैं। इनमें से कई की सेहत में सुधार होना शुरू हो गया है, इसलिए पड़ोसी राज्यों से बात कर पीजीआई उन्हें वापस उसी अस्पताल भेज रहा है, जहां से वह रेफर होकर यहां आए थे।
हालांकि पीजीआई के प्रवक्ता डॉ. अशोक कुमार ने स्पष्ट किया है कि पीजीआई सिर्फ उन्हीं नॉन-कोविड मरीजों को वापस भेज रहा है, जिनकी हालत में काफी सुधार आ गया है। चिंता की बात यह भी है कि पीजीआई में कोविड के गंभीर मरीजों के लिए 200 बेड में से अब सिर्फ 45 बेड ही खाली रह गए हैं।
155 बेड फुल हैं, इनमें से 60 मरीज पंजाब, 53 चंडीगढ़, 13 हरियाणा और 12 हिमाचल प्रदेश के हैं। इसके अलावा पीजीआई के पास वेंटिलेटर की भी काफी कमी है। वर्तमान में करीब 20 कोविड के मरीज वेंटिलेटर पर हैं। कमी को देखते हुए पीजीआई ने केंद्र सरकार से 25 वेंटिलेटर की मांग की है लेकिन अभी तक पीजीआई के पास एक भी नहीं पहुंचा है।
प्रशासन को अंदेशा, 12000 के करीब लोग होंगे संक्रमित
कोरोना से लड़ने को प्रशासन ने एक प्लान बनाया है। इस योजना के मुताबिक, कोरोना जब शहर में चरम पर होगा तो कुल 12000 केस हो सकते हैं। यह चंडीगढ़ की जनसंख्या का एक प्रतिशत है। इसके हिसाब से ही प्रशासन ने बेड आदि की तैयारी की है। अब शहर में रोजाना 80 केस सामने आ रहे हैं, इसलिए प्रशासन ने कम्यूनिटी सेंटरों में भी बेड लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।
बीते दिनों प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने भी पीजीआई के अधिकारियों को आदेश दिए थे कि वह एक कमेटी बनाएं, जो जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 और पीजीआई में बेड की संख्या को बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दे। इसके तहत ही पिछले हफ्ते पीजीआई के डायरेक्टर की पंजाब और हरियाणा के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई थी, जिसमें चंडीगढ़ के भी स्वास्थ्य डायरेक्टर उपस्थित रहे।
बैठक में ही यह निर्णय लिया गया था कि पीजीआई उन मरीजों को वापस भेजेगा, जिनकी सेहत इलाज के बाद काफी हद तक सुधर चुकी है और आगे का इलाज, जिस अस्पताल से वह रेफर होकर पीजीआई पहुंचे हैं, वहां भी हो सकता है।
गृहमंत्री से बोलीं किरण खेर, मेरे शहर की मदद करें
पीजीआई और शहर के अन्य अस्पतालों में कम होते बेड की संख्या को लेकर बुधवार को सांसद किरण खेर ने भी चिंता जताई और इस मामले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय व अन्य की नजर में लाने का प्रयास किया। सांसद किरण खेर ने ट्वीट कर लिखा कि, चंडीगढ़ की मदद की जाए, यहां पीजीआई और अन्य अस्पताल काफी दबाव में हैं।
यदि शहर के विभिन्न हिस्सों में चिकित्सा सुविधाओं की अनुमति नहीं मिलती है, तो बेड न होने के कारण भविष्य में घातक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, प्रधानमंत्री कार्यालय और जेपी नड्डा को ट्वीट कर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए आग्रह किया।