कोरोना को लेकर हरियाणा में स्वास्थ्य महकमा जहां एक ओर पूरी तरह से अलर्ट है। वहीं केमिस्ट दुकानों पर मास्क और बुखार की दवाओं के मनमर्जी दाम भी वसूले जा रहे हैं। कृत्रिम कमी दिखाते हुए मास्क और बुखार संबंधी दवाओं के रेट दोगुने से भी ज्यादा कर दिए गए हैं।
इसी को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे के आला अफसरों ने स्टेट ड्रग कंट्रोलर को निर्देश दिए हैं कि वे जिलों की केमिस्ट दुकानों पर औचक निरीक्षण करवाएं और जहां भी इस तरह की कालाबाजारी सामने आ रही है, वहां एक्शन लें।
दिल्ली से सटे होने के कारण हरियाणा में भी कोरोनावायरस को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज स्पष्ट कह चुके हैं कि कोरोना का अभी तक कोई भी पॉजीटिव केस सामने नहीं है। जितने लोगों के सैंपल भेजे गए थे, वे भी नेगेटिव रहे। लेकिन फिर भी प्रदेश सरकार अपनी ओर से पूरी तरह तैयार है।
कोरोना के इसी खौफ को लेकर केमिस्ट संचालकों ने मास्क और बुखार की दवाओं के रेट बढ़ा दिए। जिसकी शिकायत आला अफसरों तक भी पहुंचने लगी। इसलिए अब आला अफसरों के निर्देश पर प्रदेशभर में छापेमारी अभियान शुरू किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार महकमे के कर्मचारी फर्जी ग्राहक के तौर पर केमिस्ट संचालकों से मास्क और बुखार संबंधी दवाएं खरीदेंगे, ताकि मालूम चल सकें, कौन संचालक कालाबाजारी कर रहा है।
सिविल सर्जन से मांगी डिमांड
स्वास्थ्य महकमे ने सभी सिविल सर्जनों से कोरोनावायरस से निपटने के लिए जिस सामान की जरूरत है, उसकी डिमांड मंगवाई है। आला अफसरों का दावा है कि वैसे तो डॉक्टरों व स्टाफ के लिए पर्सनल प्रोटेक्शन किट उपलब्ध है लेकिन यदि किसी भी जिले के सिविल सर्जन को इसकी और आवश्यकता है, तो वे हेडक्वार्टर में डिमांड भेज सकता है, उसके मुताबिक ही अतिरिक्त सामान व किट खरीदी जाएगी।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार की मदद से दिल्ली में भी हरियाणा के लिए दो लैब स्थापित की गई है। हरियाणा के संदिग्ध मरीज के सैंपल एकत्रित कर पहले पीजीआई रोहतक भेजे जाएंगे। पीजीआई में विशेषज्ञ की टीम सैंपल जांच करेगी और जो सैंपल उन्हें ज्यादा संदिग्ध लगेगा, उन्हें दिल्ली भेजा जाएगा।