मंत्रिमंडल ने लोगों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की तरफ से समय-समय पर दी जा रही सलाह के अनुसार पूरी तरह तैयार रहने और सभी सावधानियां बरतने की अपील की। मंत्रिमंडल ने एक प्रस्ताव से लोगों को भीड़ वाले स्थानों और सामूहिक जलसों में न जाने की अपील की।
मीटिंग के बाद सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि लोगों को साबुन और पानी या हैंड सैनेटाइजर के साथ बार-बार अपने हाथ धोने की सलाह दी गई है और उन्हें अपने चेहरे पर हाथ लगाने से परहेज करना चाहिए।
इसके अलावा प्रस्ताव में लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से परहेज करने की सलाह दी गई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि जिन लोगों को खांसी, छींक और बुखार है तो तुरंत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की 104 -मेडिकल हेल्पलाइन या संबंधित जिले के कंट्रोल रूम में संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा सभी निजी व सरकारी बसों में सैनेटाइजर मुहैया कराने के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से अपील की कि लोगों में विश्वास बढ़ाने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ मीटिंग करें। कैप्टन ने स्वास्थ्य विभाग को इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए सभी जिला अस्पतालों में वेंटिलेटर की उपलब्धता को यकीनी बनाने की हिदायत की। उन्होंने प्राइवेट और सरकारी बसों में वाहनों की सफाई और सवारियों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए बसों में सवारियों के प्रयोग के लिए हैंड सैनेटाइजर रखने के आदेश भी दिए।
पंजाब में सभी सरकारी और निजी स्कूल पहले ही 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं। हालांकि, मेडिकल कॉलेजों (सीनियर विद्यार्थियों के लिए) को खुला रखा गया है, ताकि इमरजेंसी में इनकी सहायता ली जा सके। मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि एमबीबीएस के विद्यार्थियों, जिनको नौकरी नहीं मिली, के साथ संपर्क किया जाये और विभाग की तरफ से उन्हें स्वेच्छा के आधार पर तैयार रहने को कहा जाए।
घर-घर जागरूकता मुहिम चलाने की तैयारी
मीटिंग में बताया गया कि 19 से 26 मार्च तक डिप्टी कमिश्नर सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों, जिन्हें प्रशिक्षण दिया गया है, के साथ मिलकर घर -घर जाकर जागरूकता मुहिम चलाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जिलों के सभी विभागों के सभी स्टाफ का प्रशिक्षण 18 मार्च, 2020 तक पूरी हो जायेगा। ए और बी दर्जा अधिकारियों के नेतृत्व में दो से तीन कर्मचारियों की टीमें 18 मार्च तक बनाई जाएंगी।
इन टीमों को आबादी के मद्देनजर गांव /क्षेत्र /इलाका /वार्ड /कालोनियां सौंपी जाएंगी। ये टीमें अपने निर्धारित क्षेत्रों में लोगों को शिक्षित करने के लिए घर-घर जाएंगी और हर व्यक्ति को सावधानियों संबंधी जागरूक करेंगी। यह टीमें इस बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्ति को संबंधित सूचना भी देंगी। यह प्रक्रिया 26 मार्च तक पूरी हो जायेगी।
अमृतसर और मोहाली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ-साथ वाघा बॉर्डर और करतारपुर गलियारे पर स्थापित अंतरराष्ट्रीय जांच चौकियों पर अब तक 91689 यात्रियों की जांच की गई है। इन स्थानों पर जांच के दौरान 8 यात्रियों में लक्षण पाये गए और जीएमसी अमृतसर में इनमें से एक यात्री का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। बाकी सभी के सैंपल नेगेटिव पाये गए।
मंत्रिमंडल को बताया गया कि अब तक 100 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनमें से कोविड-19 के लिए केवल एक पॉजिटिव पाया और 95 नेगेटिव पाए गए, जबकि चार नमूनों के नतीजों का अभी इंतजार किया जा रहा है। यात्रियों की जांच के लिए दोनों हवाई अड्डों पर सुरक्षा कर्मचारियों के साथ मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं।
सभी यात्रियों की लाजिमी तौर पर जांच की जा रही है। 13 मार्च से किसी भी देश की यात्रा करने संबंधी प्रत्येक यात्री से स्व-घोषणा पत्र लिया जा रहा है। राज्य के 22 जिला अस्पतालों और 3 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कोविड -19 के मरीजों को अलग रखने के लिए 1077 बेड तैयार किये गए हैं। इसके अलावा गंभीर मामलों से निपटने के लिए तीन सरकारी मेडिकल कॉलेजों और दो जिला अस्पतालों में 24 वेंटिलेटर उपलब्ध करवाए गए हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों को अलग रखने के लिए अन्य 376 बेड और 290 वेंटिलेटर भी उपलब्ध करवाए हैं।