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कोरोनाः डेराबस्सी में वियतनाम-इटली से लौटे दो संदिग्ध परिवार आए सामने, जांच के लिए भेजे सैंपल

Fri, 13 Mar 2020 11:59 AM IST
खुशबू गोयल हरजीत सिंह, डेराबस्सी
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प्रतीकात्मक फोटो
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दुनिया भर में महामारी घोषित होने वाले करोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की संख्या पंजाब के डेराबस्सी और आसपास एरिया में भी बढ़ती जा रही है। वीरवार को सेहत विभाग ने दो संदिग्ध परिवारों की जांच की। इनमें वायरस के कोई लक्षण नहीं पाए गए। यह दोनों परिवार कुछ दिन पहले ही वियतनाम और इटली लौटे थे। सेहत विभाग ने इन्हें 14 दिन तक घर से नहीं निकलने की हिदायत दी है। वहीं इटली से लौटे एक संदिग्ध परिवार की महिला के ब्लड सैंपल टेस्ट के लिए पुणे लैब में भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट दो दिन में आएगी।
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इसके अलावा वीरवार को इटली से लौटे एक परिवार को अगले 14 दिन तक घर में ही रहने को कहा है और गंभीरता दिखाते हुए इसकी जानकारी एसडीएम और पुलिस को भी दी है। एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बावा ने एक मीटिंग की। इसमें उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हिदायत दी कि वह सेहत विभाग का सहयोग करें और अगर कोई मरीज सहयोग नहीं देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें। वहीं सिविल अस्पताल की एसएमओ डॉ. संगीता जैन ने बताया कि गत बुधवार को इटली से लौटे एक परिवार के 6 लोगों की जांच की गई थी।

जांच के बाद उन्हें हिदायत दे दी है। उन्होंने कहा कि वीरवार को सूचना मिली थी कि पुरानी अनाज मंडी रोड पर रहने वाला एक परिवार कुछ दिन पहले इटली से वापिस लौटा है। इस पर सेहत विभाग की टीम उक्त परिवार के घर पहुंची थी। लेकिन परिवार चेकअप के लिए सेहत विभाग को सहयोग नहीं दे रहा था। इस पर उन्होंने जानकारी एसडीएम डेराबस्सी और पुलिस को दी। एसडीएम कुलदीप बावा ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मीटिंग बुलाई थी। इसमें एसडीएम ने पुलिस, नगर काउंसिल, माल विभाग के अधिकारियों को सेहत विभाग को सहयोग देने की हिदायत दी।
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वहीं सेहत विभाग ने बरवाला रोड पर एक पॉश सोसायटी में वियतनाम से लौटे परिवार का चेकअप किया। डॉ. संगीता जैन ने कहा कि अभी तक इनमें से किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं हैं। सेहत विभाग ने डेराबस्सी सिविल अस्पताल को कोरोना की जांच के लिए एक स्पेशल थर्मामीटर दिया है। इससे मरीज को बिना हाथ लगाए जांच की जा सकती है। वहीं इसी से एक से दूसरे मरीज की जांच करने में कोई खतरा नहीं है। इस मीटिंग में डॉ. संगीता जैन, नगर काउंसिल डेराबस्सी और जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी, तहसीलदार सहित अन्य विभाग के अधिकारी शामिल थे।
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