टीका लगवाने के बाद विजयी चिह्न बनातीं डॉ. जसविंदर कौर।
- फोटो : अमर उजाला
टीकाकरण से पहले इन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा
शहर में चार केंद्रों पर तीन कमरे वाला टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गार्ड ने स्वयंसेवक के मोबाइल में पोर्टल से आया मैसेज चेक किया। उसके बाद उसे पहले कमरे में भेजा गया। पहले कमरे में पहचान पत्र की जांच के बाद दूसरे कमरे में भेजा गया। दूसरे कमरे में जो मोबाइल पर मैसेज आया उसे कम्प्यूटर के माध्यम से कोविड वैक्सीन एप में डाला गया। इसके बाद सर्टिफिकेट निकाला गया और फिर चिकित्सा अधिकारियों की टीम के समक्ष टीकाकरण अधिकारी ने टीका लगाया। उसके बाद स्वयंसेवक तीसरे कमरे में पहुंचा, जहां उसे 30 मिनट तक रोका गया। इस दौरान कोई परेशानी नहीं होने पर उसे जाने दिया गया। हर केंद्र पर महिलाओं के लिए पर्दे की व्यवस्था की गई है।
निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमनदीप कौर कंग ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों की सूची में हर वर्ग के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। पहले चरण के बाद उन्हीं स्वास्थ्यकर्मियों को 28 दिन के बाद दूसरी खुराक दी जाएगी।