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मंगल आगाज : चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टर मनजिंदर सिंह को लगा पहला टीका, लोगों से विज्ञान पर विश्वास करने की अपील

Sat, 16 Jan 2021 10:13 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ में पहला टीका लगवाते डॉ.मनजिंदर सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ में कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हो गई है। चंडीगढ़ पीजीआई में कोरोना के टीकाकरण का शुभारंभ शनिवार सुबह 10:30 बजे हुआ। पहला टीका पीडियाट्रिक विभाग के डॉ. मनजिंदर सिंह रंधावा को लगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को विज्ञान पर भरोसा है और अन्य लोग भी विज्ञान पर भरोसा करें और टीका लगवाएं। समाज में वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियों से दूर रहें।   
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जीएमएसएच-16 में हेल्थ वर्कर अरुण को, जीएमसीएच- 32 में डायरेक्टर प्रिंसिपल जसविंदर कौर को पहला टीका लगाया गया। निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमनदीप कौर कंग ने भी टीका लगवाया। जीएमसीएच - 32 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि गुप्ता ने भी टीका लगवाया। सेक्टर 45 हॉस्पिटल में शिवानी को पहली कोरोना वैक्सीन लगी।वहीं टीकाकरण कराने के बाद अरुण को जीएमएसएच-16 के निदेशक स्वास्थ्य ने सर्टिफिकेट दिया। 

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पीजीआई में लगभग 12 बजे तक 10 हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन लगाई गई। दिन भर में 100 लोगों को टीका लगाया जाएगा। बारी-बारी से जिन हेल्थ वर्कर को मैसेज पहुंच रहे हैं वह वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंच रहे हैं और टीका लगवा रहे हैं। सभी वैक्सीन लगवाने वाले लोग स्वस्थ हैं और खुश हैं। पीजीआई के निदेशक प्रो. जगत राम ने टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया और उन्होंने सबको बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीनेशन से कोरोना जरूर हारेगा।



यहां-यहां बने हैं केंद्र
जीएमएसएच-16 में एक
जीएमसीएच-32 में दो
सेक्टर-45 सिविल अस्पताल में एक
पीजीआई: एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर 
 


कोरोना वायरस के खिलाफ महाअभियान के पहले दिन टीकाकरण करवाने वालों में निदेशक स्वास्थ्य समेत कई उच्च चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों ने पहल कर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि टीकाकरण से ही महामारी से बचाव संभव है, इसलिए बिना किसी डर आगे आकर टीकाकरण कराएं। सरकार ने संक्रमण के खतरे को देखते हुए टीकाकरण की पहली सूची में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के स्वास्थ्यकर्मियों को प्रधानता देने का निर्देश दिया है। 
 
 
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टीका लगवाने के बाद विजयी चिह्न बनातीं डॉ. जसविंदर कौर। - फोटो : अमर उजाला
टीकाकरण से पहले इन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा
शहर में चार केंद्रों पर तीन कमरे वाला टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गार्ड ने स्वयंसेवक के मोबाइल में पोर्टल से आया मैसेज चेक किया। उसके बाद उसे पहले कमरे में भेजा गया। पहले कमरे में पहचान पत्र की जांच के बाद दूसरे कमरे में भेजा गया। दूसरे कमरे में जो मोबाइल पर मैसेज आया उसे कम्प्यूटर के माध्यम से कोविड वैक्सीन एप में डाला गया। इसके बाद सर्टिफिकेट निकाला गया और फिर चिकित्सा अधिकारियों की टीम के समक्ष टीकाकरण अधिकारी ने टीका लगाया। उसके बाद स्वयंसेवक तीसरे कमरे में पहुंचा, जहां उसे 30 मिनट तक रोका गया। इस दौरान कोई परेशानी नहीं होने पर उसे जाने दिया गया। हर केंद्र पर महिलाओं के लिए पर्दे की व्यवस्था की गई है।



निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमनदीप कौर कंग ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों की सूची में हर वर्ग के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। पहले चरण के बाद उन्हीं स्वास्थ्यकर्मियों को 28 दिन के बाद दूसरी खुराक दी जाएगी। 
 
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