मास्क और सेनेटाइजर की कालाबाजारी रोकने के लिए गठित की गई तीनों टीम में से साउथ टीम ने शुक्रवार की शाम सेक्टर 32 और 45 के दवा मार्केट में छापेमारी की। पहले दिन ही दो सेक्टरों के आठ दुकानों पर मास्क और सेनेटाइजर की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी पकड़ी गई। एक भी दुकान पर मास्क और सेनेटाइजर के बिल नहीं पाए गए।
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ड्रग कंट्रोलर जसबीर सिंह ने बताया कि इस दौरान केपिटल मेडीकोज, जय अंबिका, लाइफ लाइन, संतोष मेडिकल, बंसल मेडिकोज, शाम मेडिकोज व केपिटल मेडिकोज पर रेंडम जांच की। इस सभी दुकानों पर मास्क और सेनेटाइजर की सेल-परचेज के रिकार्ड नहीं मिले। उन्हें चेतावनी तो दे दी गई है लेकिन इनमें से किसी दुकान को नोटिस नहीं दिया गया। कहना है कि डायरेक्टर हेल्थ को रिपोर्ट देकर सोमवार को इन्हें नोटिस दिया जाएगा।
जांच के नाम पर महज खानापूर्ति
कोरोना वायरस के खौफ का ये मंजर है कि लोग बचाव केलिए दस गुना दाम पर भी मास्क खरीदने को तैयार हैं। इसका फायदा उठाते हुए इसकी कालाबाजारी जोरों पर की जा रही है। इस स्थिति पर अंकुश के लिए वीरवार को तीन टीमें गठित की गई हैं। इसमें चंडीगढ़ तो तीन भाग में बांटकर रेंडम जांच करने की योजना बनाई गई है। लेकिन शुक्रवार को उसमें से एक ही टीम फिल्ड में नजर आई। इतना ही नहीं गड़बड़ी मिलने पर सस्पेंड करने का दावा करने वाली टीम ने रिकार्ड उपलब्ध न कराने वाले दुकानदारों को नोटिस तक नहीं दिया।
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पहले दिन 21 में से 16 शिकायत मास्क की
हेल्पलाइन नंबर 9779558282 पर पहले दिन कुल 21 कॉल आई। उनमें से 16 कॉल महंगे मास्क बेचे जाने से संबंधित थी। हेल्पलाइन से मिली जानकारी के अनुसार उन 16 कॉल में चंडीगढ़ के लगभग सभी एरिया केमेडिकल शॉप शामिल थे। जिसे डायरेक्टर हेल्थ केसाथ ही उपभोक्ता फोरम को फारवर्ड कर दिया गया है।
चंडीगढ़ को बांटा तीन भाग में
चंडीगढ़ में महंगी दर पर मास्क की हो रही बिक्री पर रोक लगाने के लिए शुक्रवार को तीन टीमें गठित की गई हैं, जिसमें पहली टीम एसडीएम सेंट्रल है। इसमें डीएसपी सेंट्रल, ड्रग इंस्पेक्टर अमित दुग्गल और फूड एंड सिविल सप्लाइज एंड कंज्यूमर अफेयर्स बलजिंदर सिंह शामिल हैं।
दूसरी टीम में एसडीएम साउथ, डीएसपी साउथ, ड्रग इंस्पेक्टर सारिका मलिक, फूड एंड सिविल सप्लाइज एंड कंज्यूमर अफेयर्स इंस्पेक्टर नीरज घई हैं। जबकि तीसरी टीम में एसडीएम ईस्ट, डीएसपी ईस्अ, ड्रग इंस्पेक्टर जसबीर सिंह, फूड एंड सिविल सप्लाईज एंड कंज्यूमर अफेयर्स केइंस्पेक्टर मनीष साहनी शामिल हैं।
केमिस्ट शाप पर खत्म हुए सेनेटाइजर और मास्क
कोरोना वायरस का असर पंचकूला की केमिस्ट शॉप पर नजर आने लगा है। बाजार से ब्रांडेड और नामी कंपनियों के सेनेटाइजर गायब हैं। इसके अलावा उच्च दर्जे के मास्क भी नहीं मिल रहे हैं। कुछ दुकानदार सर्जिकल यूज के लिए इस्तेमाल होने वाले मास्क बेच रहे हैं।
कोरोना का जिले में इतनी दहशत है कि केमिस्ट शॉप संचालकों के अनुसार उनके पास नामी कंपनियों के सेनेटाइजर और मास्क के लिए फोन आ रहे हैं। मेडिकल संस्थानों ने लोगों से कीटाणुओं से बचाव के लिए सेनेटाइजर और मास्क का इस्तेमाल करने की अपील की है, लेकिन अचानक डिमांड बढ़ने से केमिस्ट शॉप से दोनों प्रोडक्ट खत्म हो चुके हैं।
अमर उजाला ने शुक्रवार को पंचकूला के केमिस्ट शॉप पर जाकर रियलिटी चेक किया। इसके लिए सिविल अस्पताल-6 से सटी मार्केट स्थित बड़ी और छोटी केमिस्ट शॉप से जानकारी ली गई। सभी दुकानों के सेल्समैन और अन्यों से आम ग्राहक बनकर मास्क और सेनेटाइजर की कीमत और स्टॉक के बारे में पूछा गया तो पता लगा कि केमिस्ट शॉप पर न तो उच्च दर्जे के मास्क हैं और न ही ब्रांडेड व जानी-मानी कंपनी के सेनेटाइजर।
कुछ केमिस्ट शॉप के सेल्समैन ने तो मास्क खत्म होने की जानकारी दी तो कुछ ने उच्च दर्जे के मास्क होने की जगह महज सर्जिकल यूज के लिए इस्तेमाल मास्क उपलब्ध होने की बात कही। इनका भी एक दुकान पर 15 रुपये और दूसरी दुकान पर 25 रुपये रेट बताया गया।
किसी भी केमिस्ट शॉप पर उच्च दर्जे के मास्क नहीं मिलने पर शॉप संचालक से आम ग्राहक की तर्ज पर इसका कारण पूछा गया तो शॉप संचालक ने बताया कि कोरोना वायरस से दोनों प्रोडक्ट की डिमांड अचानक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि दुकान पर एक हजार मास्क मंगवाए थे लेकिन दो दिन में ही सभी खत्म हो गए।
उनसे पूछा गया कि वे अपने सप्लायर से ज्यादा मास्क और सेनेटाइजर क्यों नहीं मंगवाते। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि दिल्ली और मुंबई समेत अन्य राज्यों में भी हालात लगभग ऐसे ही हैं। उन्होंने कहा कि कई जानकार और अन्य लोग उन्हें फोन कर पूछ रहे हैं कि क्या उनके पास दोनों प्रोडक्ट हैं। उन्होंने बताया कि लोग उनसे कह रहे हैं कि यदि मास्क और सेनेटाइजर उनके पास हैं तो उनके लिए रख लें।
इन दुकानों पर किया रियलिटी चेक
सेक्टर-6 स्थित अनिल केमिस्ट शॉप सहित स्वामी मेडिकोज, सिटी मेडिकोज और गोर मेडिकोज केमिस्ट शॉप पर जाकर रिएलिटी चेक किया गया। चारों दुकानों पर सेल्समैन और संचालकों से डिटॉल कंपनी का सेनेटाइजर मांगा गया लेकिन उन्होंने खत्म होने की जानकारी दी। इसके अलावा उच्च दर्जे के मास्क खरीदने की बात कही तो महज साधारण सर्जिकल मास्क ही मिले।