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कोरोना ने परिजनों को छीना... 27 लाख से 107 बच्चों की प्रशासन ने की ‘परवरिश’

पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 19 Aug 2021 01:56 AM IST
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चंडीगढ़। कोरोना वायरस ने शहर के कई बच्चों के माता-पिता का साया उनसे छीन लिया है। कुछ बच्चे अनाथ हो गए हैं तो कुछ की घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। ऐसे में यूटी प्रशासन ने दरियादिली दिखाते हुए इन बच्चों का हाथ थाम लिया है। प्रशासन की एक योजना से उनकी ‘परवरिश’ हो रही है। इसके तहत 85 बच्चों के खाते में साढ़े बाइस लाख भेज दिए गए हैं और वीरवार को 22 बच्चों की साढ़े चार लाख रुपये से मदद की जाएगी। कोरोना से प्रभावित बच्चों की मदद के लिए परवरिश योजना के तहत समाज कल्याण विभाग ने पहली किश्त जारी कर दी है। योजना के तहत माता या पिता के खोने केदिन से प्रशासन प्रति महीने पांच हजार रुपये की सहायता राशि दे रहा है।
समाज कल्याण विभाग की विशेष सचिव नितिका पवार ने बताया कि इस योजना के तहत फिलहाल 109 बच्चों की पहचान की गई है। इनमें से 85 बच्चों के खाते में साढ़े बाइस लाख रुपये भेजे जा चुके हैं और वीरवार को 22 बच्चों के खाते में साढ़े चार लाख रुपये भेज दिये जाएंगे। वीरवार तक 109 में से 107 बच्चों की मदद कर दी जाएगी और बाकी बचे दो बच्चों के खाते में भी जल्द ही राशि भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कोरोना से प्रभावित बच्चों को भी तीन महीने के लिए 2500 रुपये की सहायता दी जाएगी। ऐसे करीब 1300 बच्चे हैं, जिन्हें ये सहायता राशि दी जानी है। विभाग ने सबसे पहले उन बच्चों के खाते में राशि भेजी, जिन्होंने कोरोना से माता और पिता दोनों को खो दिया है। इसके तहत सेक्टर-52 की टीन शेड कॉलोनी की झुग्गी में रह रहे तीन बहनों को 60 हजार रुपये की मदद भी की गई है। इन बच्चों के माता-पिता का निधन अप्रैल 2021 में हुआ था, इसलिए प्रशासन ने चार महीने के लिए 60 हजार रुपये जारी किए हैं।

अगर आपकेपास है ऐसे बच्चों की जानकारी तो इस नंबर पर करें संपर्क
जिन बच्चों ने कोरोना के चलते अपने माता-पिता में से एक या दोनों को खो दिया है, उन्हें इस योजना में शामिल किया गया है। बच्चे के नाम पर तीन लाख रुपये की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) भी करवाई जाएगी, जो 21 वर्ष की आयु के बाद मिलेंगे। सरकारी स्कूल में ऐसे बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी, जबकि निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। अगर वह 18 वर्ष के बाद डिप्लोमा कोर्स, ग्रेजुएशन या फिर तीन साल का डिग्री कोर्स और प्रोफेशनल डिग्री करते हैं तो भी उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के अनुसार कोरोना पॉजिटिव होने वाले बच्चों को पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरी करने के लिए तीन माह तक 2500 रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। अगर किसी भी व्यक्ति के पास ऐसे किसी बच्चे की जानकारी है तो वह जिला बाल संरक्षण इकाई के हेल्पलाइन नंबर 0172-2643654 पर संपर्क कर सकता है।
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