पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में फर्श पर एक महिला की लाश के 12 घंटे तक पड़ा रहने और एक बुजुर्ग के घंटों तक तड़पते रहने के बाद दम तोड़ने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है कि दोनों मरीज जीवित और सेहतयाब हैं। इस खुलासे के बाद पंजाब सरकार ने पूरे मामले पर गंभीर नोटिस लिया है। दरअसल शुक्रवार को एक अखबार ने इस महिला और बुजुर्ग की तस्वीरें छापकर राजिंदरा अस्पताल की लापरवाही को दर्शाती खबर छापी थी, जिसमें इन्हें मृत बताया गया था, जबकि दोनों जिंदा हैं।
बुजुर्ग को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया
कोविड केयर सेंटर इंचार्ज और मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग की एडिशनल सेक्रेटरी सुरभि मलिक और राजिंदरा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. पारस कुमार पांडव ने बताया कि बुजुर्ग सुखदेव सिंह अस्पताल की सातवीं मंजिल पर कोविड के संदिग्ध मरीजों के लिए बनाए वार्ड में दाखिल था। उसको अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। वह अपने घर पर ठीक-ठाक है। इसकी पुष्टि उसके बेटे लाभ सिंह ने भी की है। जबकि दूसरी मरीज किरनदीप कौर मिरगी के दौरों की बीमारी से पीड़ित है और मेडिसिन वार्ड में उपचाराधीन है।