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एक्सक्लूसिव: चंडीगढ़ के अस्पतालों में तेजी से फैल रहा कोरोना, डॉक्टर और स्टाफ हुए कम

Tue, 08 Sep 2020 04:24 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • पीजीआई के 170 डॉक्टर-कर्मचारी हो चुके हैं संक्रमित
  • जीएमसीएच-32 व जीएमएसएच-16 में भी स्टाफ की कमी
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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कोरोना का खतरा आम लोगों के साथ ही अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों पर भी तेजी से मंडराने लगा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि पीजीआई समेत शहर के अन्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और अन्य स्टाफ तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में अस्पतालों में मरीजों के बढ़ते दबाव के बीच व्यवस्था संभालना मुश्किल हो रहा है। 

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वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बढ़ते मरीजों के कारण अस्पताल में संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण उनके डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। वहीं लोग इस बात से भयभीत हैं कि अस्पताल जब सुरक्षित नहीं हैं तो भला वह सुरक्षित कैसे रह पाएंगे। 
   
वहीं, अस्पतालों में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ ही अन्य कर्मचारियों के तेजी से संक्रमित होने के कारण वहां की व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। स्थिति यह है कि यह जीएमएसएच-16 हो या जीएमसीएच-32 सभी जगह अन्य यूनिट के स्टाफ और डॉक्टर की रोटेशन वाइज कोविड-वार्ड में ड्यूटी लगानी शुरू कर दी गई है। इससे उन पर काम का दबाव बढ़ गया है।  
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टेस्ट कराने वाले ज्यादा डरे हुए हैं
कोरोना की जांच कराने अस्पतालों में पहुंचने वाले संदिग्ध मरीज कोरोना के खतरे से सबसे ज्यादा डरे हुए हैं। जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 और पीजीआई में जांच कराने के लिए जाने के नाम पर उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि कहीं वह अस्पताल में जाकर संक्रमित न हो जाएं। ऐसी स्थिति में वह सरकारी अस्पताल में फ्री की जांच कराने की बजाय निजी लैब में सैकड़ों रुपये खर्च करके जांच कराना बेहतर समझ रहे हैं। 

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सेक्टर-15 निवासी संदीप कौर का कहना है कि उनके पिताजी को गले में खराश हुई तो उन्होंने सोचा कि सेक्टर-16 हॉस्पिटल में जाकर उनका कोरोना टेस्ट करा दें लेकिन वहां डॉक्टर और स्टाफ के तेजी से पॉजिटिव होने की सूचना मिलने के बाद सरकारी अस्पताल में जाने की हिम्मत नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने सेक्टर-11 स्थित निजी लैब में अपने पिताजी की जांच कराई।   

अब तक किस अस्पताल में कितने कर्मचारी मिले पॉजिटिव  
  • पीजीआई-   170 डॉक्टर/नर्सिंग ऑफिसर व अन्य स्टाफ
  • जीएमसीएच 32 -  90 डॉक्टर/नर्सिंग ऑफिसर व अन्य स्टाफ 
  • जीएमएसएच 16 - 80 डॉक्टर/नर्सिंग ऑफिसर व अन्य स्टाफ
 
अचानक से मरीजों की बढ़ रही संख्या के कारण अस्पतालों पर काफी दबाव बढ़ गया है। ऐसे में संक्रमण का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। अस्पताल सबसे सेंसेटिव एरिया बन गए हैं। इसके कारण डॉक्टर और अन्य स्टाफ का पॉजिटिव आना लाजमी है। फिर भी व्यवस्था संभालने के लिए अन्य यूनिट के स्टाफ की कोविड में रोटेशन में ड्यूटी लगाई जा रही है।  - डॉ वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमएसएच 16
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