चंडीगढ़। कोरोना की वजह से शहर के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चले गए हैं। प्रशासन ने मध्य मार्ग से होते हुए न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) को जोड़ने वाली सड़क पर एलिवेटेड रोड बनाने का फैसला लिया था, लेकिन अब तक तकनीकी सलाहकार (टेक्निकल कंसल्टेंट) ने अपनी रिपोर्ट ही प्रशासन के पास जमा नहीं कराई है। ऐसे में यह प्रस्ताव भी रुक गया है।
पीजीआई से होते हुए मुल्लांपुर तक जाने वाली इस सड़क पर सबसे अधिक ट्रैफिक समस्या का सामना खुड्डा जस्सू से लेकर बोटेनिकल गार्डन के बीच करना पड़ता है। यहां पर सिंगल लेन होने की वजह से काफी भीड़ रहती है। ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए ही यह एलिवेटेड रोड बनानी है। खुड्डा जस्सू हाईलेवल ब्रिज से लेकर खुड्डा लाहौरा पार करते हुए बोटेनिकल गार्डन तक एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है, जिसमें फ्लाईओवर भी बनना है। इसके लिए जून महीने में प्रशासन ने टेक्निकल कंसल्टेंट हायर किया था। कंसल्टेंट ने एक महीने में अपनी रिपोर्ट देनी थी लेकिन कोरोना के चलते इस काम में देरी हो रही है। यही कारण है कि अब अक्तूबर माह के आखिर तक कंसल्टेंट द्वारा रिपोर्ट देने की उम्मीद जताई जा रही है। गौरतलब है कि कंसल्टेंट की रिपोर्ट के अनुसार ही प्रशासन द्वारा इस एलिवेटेड रोड का निर्माण करवाया जाएगा।
चंडीगढ़ से बद्दी जाने में भी बचेगा समय
प्रशासन के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि कंसल्टेंट ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं दी है। हालांकि उन्हें एक महीने में रिपोर्टर देनी थी। कंसल्टेंट द्वारा ही स्टडी करके ये बताया जाएगा कि यहां एलिवेटेड रोड कैसी बनाई जानी है। इसमें टेक्निकल जांच के अलावा प्रारंभिक ड्राइंग, खर्च व बिड के लिए दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद एलिवेटेड रोड से न सिर्फ न्यू चंडीगढ़ तक पहुंचना आसान हो जाएगा, बल्कि चंडीगढ़ से बद्दी जाना भी बहुत आसान हो जाएगा और समय भी कम लगेगा। जानकारी के अनुसार इस पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई 1750 मीटर है, जबकि एलिवेटेड रोड 1325 मीटर की बननी है। वहीं, फ्लाईओवर की चौड़ाई 19.10 मीटर होगी और ये प्रोजेक्ट 90 करोड़ रुपये में पूरा होगा।