चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ रफ्तार पकड़ रहा है। संक्रमित मरीजों की संख्या 300 के आंकड़े को पार कर गई है। हर एक गुजरते दिन के साथ कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं। शहर में कोरोना का पहला मरीज 18 मार्च को सामने आया था। इसके बाद 100 पॉजिटिव केसों के आंकड़े तक पहुंचने में 48 दिन लगे थे, लेकिन अगले 100 केस केवल 15 दिन और फिर अगले 100 मामले आने में महज 12 दिन ही लगे हैं। यह आंकड़े बताने को काफी हैं कि केसों की संख्या में कितनी तेजी से इजाफा हुआ है।
शहर में अब तक कोरोना वायरस के कुल मरीजों की संख्या 301 हो गई है, जबकि 5 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, इलाज के बाद 214 मरीज ठीक भी हो चुके हैं। चंडीगढ़ में 4 मई को केसों की संख्या 100 हुई। इसके बाद 5 मई से 20 मई के बीच और 100 केस आ गए। 21 मई से 2 जून के दौरान फिर 101 नये केस सामने आए हैं। शुरुआती 100 केस पहुंचने में 48 दिन लगे, हालांकि इसके बाद कोरोना वायरस के मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। हर दिन कोरोना वायरस के मरीजों की तादाद में बढ़ोतरी देखी गई।
शुरुआती 100 केस आने के बाद चंडीगढ़ में 100 केस से 301 होने में मात्र 27 दिन का ही वक्त लगा। नाम न छापने की शर्त पर स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चंडीगढ़ में भले ही कोरोना के मरीज ज्यादा आए हैं लेकिन वह सभी कम गंभीर वाले हैं। ज्यादातर मरीजों को कोई लक्षण नहीं हैं। सिर्फ 20-25 मरीज ऐसे हैं, जिन्हें गले में खराश या एक-दो बार बुखार की शिकायत कर रहे हैं, वह भी दवाइयों से रिकवर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेथ रेट के मामले में भी स्थिति खराब इसलिए नहीं कह सकते, क्योंकि ज्यादातर मरीज पहले से ही दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे।
अनलॉक-1 के पहले दो दिनों में एक की मौत 7 नए मामले
शहर में कोरोना को मात देने वाले लोगों की संख्या भले बढ़ गई हो, लेकिन संक्रमण के फैलाव की गति धीमी नहीं पड़ी है। संक्रमण की दर तकरीबन एक जैसी बने रहने के साथ सोमवार से अनलॉक-1 शुरू हो गया है। धीरे-धीरे व्यावसायिक एवं अन्य गतिविधियां और आवाजाही बढ़ने के बीच संक्रमण की दर में कमी नहीं होने से खतरा बना हुआ है। चंडीगढ़ में अनलॉक-1 के पहले दो दिनों में ही एक संक्रमित की मौत और सात पॉजिटिव केस मिले हैं।
13 मई से घटी एक्टिव मरीजों की संख्या, 9 दिन में डिस्चार्ज हुए 116
चंडीगढ़ में एक्टिव केस की संख्या घटी है, जबकि क्योर्ड यानी ठीक हो चुके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2 जून तक की स्थिति के हिसाब से शहर के 301 मरीजों में से 214 ठीक हो चुके हैं। सिर्फ 82 केस ही एक्टिव हैं। केंद्र सरकार की नई डिस्चॉर्ज पॉलिसी के आने के बाद 13 मई से एक्टिव केसों की संख्या में तेजी से कमी आई। 13 मई तक एक्टिव केसों की संख्या 154 थी, लेकिन अगले ही 9 दिनों में 166 लोग डिस्चॉर्ज हो गए और 22 मई को एक्टिव केसों की संख्या 38 तक पहुंच गई। हालांकि बाद में फिर कोरोना के नए मरीजों की संख्या में तेजी आ गई।