सिटी ब्यूटीफुल की खूबसूूरती को चार चांद लगाने वाले लगभग 1700 छोटे बड़े पार्कों की हरियाली पर खतरा मंडराने लगा है। कोरोना संक्रमण को लेकर शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने के कारण पार्कों में लगे हजारों फूलों और पेड़ों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। जिस कारण शहर के प्रमुख थीम पार्कों सहित अन्य पार्कों में लगे विभिन्न प्रजाति के हजारों फूलों की पौध सूखने के कगार पर पहुंच रही है।
आपको बता दें कि चंडीगढ़ में दूषित और सीवरेज के पानी को संशोधित करने के लिए छह छोटे-बड़े सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगे हुए हैं। इन प्लांटों से प्रतिदिन 10 मिलियन गैलेन पानी को शुद्घ किया जाता है। इस पानी से शहर के लगभग 1700 छोटे बड़े पार्कों सहित ग्रीन बेल्ट की सिंचाई के लिए सप्लाई किया जाता है।
इस दूषित पानी से शहर में कोरोना संक्रमण फैलने की संभावनाओं को देखते हुए एसटीपी प्लांटों को प्रशासन के निर्देश पर बंद कर दिया गया है। इस कारण प्लांटों से सिंचाई के लिए प्रतिदिन मिलने वाला पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे शहर के पार्कों की हरियाली और ग्रीन बेल्ट की सिंचाई नहीं हो पा रही है। जबकि चंडीगढ़ की खूबसूरती में यहां के पार्कों की हरियाली का प्रमुख योगदान है।
ये हैं शहर के प्रमुख थीम पार्क
चंडीगढ़ में जैपनीज गार्डन, स्प्रिंग गार्डन, कोनिफर गार्डन, पाम गार्डन और बैली ऑफ एनिमल प्रमुख पांच थीम पार्क हैं। इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त रोज गार्डन, तितली गार्डन और राजेंद्रा पार्क में हजारों की संख्या में विभिन्न देशी और विदेशी फूलों की पौध है। यहां पर हर साल सिटको और पर्यटन विभाग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई फेस्टिवल भी आयोजित करता है।
12 लाख हैं शहर में पेड़
सिटी ब्यूटीफुल को ग्रीन सिटी का खिताब दिलाने में पेड़ों का भी बड़ा योगदान रहा है। यहां लगभग 12 लाख छोटे-बड़े हरे पेड़ हैं। एक लाख 85 हजार पेड़ों की देखरेख के लिए नगर निगम के द्वारा की जाती है। 21 हजार 500 पेड़ों की देखरेख प्रशासन और अन्य पेड़ों की देखभाल की जिम्मेदारी वन विभाग के पास है। इस हरियाली को बचाने के लिए कुछ जगह तो प्राकृतिक स्रोत से सिंचाई का पानी मिलता है, शहर के अधिकांश पेड़ों में एसटीपी के पानी से सिंचाई की जाती है।
292.94 एकड़ है ग्रीन बेल्ट का एरिया चंडीगढ़ में 292.94 एकड़ के एरिए में ग्रीन बेल्ट है। यदि हम हर साल के आंकड़ों को देखें तो इस ग्रीन बेल्ट के क्षेत्र में इजाफा हो रहा है। शहर के कुल क्षेत्रफल में 286.13 एकड़ में बगीचे फैले हुए हैं, जिसके लाखों फलदार वृक्ष हैं। साथ ही 650 एकड़ एरिया में छोटे पार्कों को बनाया गया है।
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए यूटी लगातार प्रयास कर रहा है। दूषित पानी में संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए यह प्लांट बंद किए गए हैं। जो भी कार्य किया जा रहा है वह यूटी प्रशासन के निर्देशों पर हो रहा है।
- अमित शर्मा, एसडीओ, एसटीपी प्लांट फेज वन, चंडीगढ़