चंडीगढ़ में कोरोना वायरस के मामले भले ही दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन इस बीमारी से जंग जीतकर घर लौटने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। सोमवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पीजीआई के डॉक्टरों ने बताया कि शहर में कोरोना के मरीजों का रिकवरी रेट 85.51 प्रतिशत है, जो कि देश में सबसे ज्यादा और बेहतर है।
पीजीआई के डॉक्टरों ने प्रशासक को बताया कि बीते कुछ दिनों में पीजीआई में कोरोना वायरस के 530 सैंपल की जांच की गई, जिसमें से सिर्फ 11 ही पॉजिटिव निकले हैं। ठीक इसी तरह जीएमसीएच-32 में बीते कुछ दिनों में 149 कोरोना वायरस के सैंपल लिए गए, जिसमें से सिर्फ एक सैंपल ही पॉजिटिव निकला। डॉक्टरों ने कहा कि यह सकारात्मक संकेत है।
प्रशासक ने शहर में बीते कुछ दिनों में बढ़े कोरोना के मामलों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोगों पर नजर रखें ताकि बाहर का संक्रमण शहर में न प्रवेश कर सके। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों का भी गंभीरता से इलाज करें। प्रशासक ने शहरवासियों से अपील की है कि वह शारीरिक दूरी का ध्यान रखें और सार्वजनिक जगहों पर मास्क लगाकर ही निकलें।
प्लाज्मा थैरेपी के रिजल्ट बेहतर : प्रो. जगतराम
बैठक में पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम ने बताया कि कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थैरेपी का रिजल्ट बेहतर आ रहा है। प्रशासक ने उन्हें रिसर्च को जारी रखने और उपचार के एक निश्चित तरीके को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। बदनौर ने कहा कि अगर पीजीआई ऐसा कर पाने में सफल होता है तो यह शहर के साथ देश के लिए भी लाभदायक होगा।
प्रशासक ने कहा कि शहर में बहुत से लोग इन दिनों साइक्लिंग के प्रति प्रेरित हुए हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह प्राथमिकता के तौर पर शहर के सभी साइकिल ट्रैक को ठीक कराएं और शहर के विभिन्न स्थानों पर साइकिल स्टैंड बनाएं, ताकि लोग निश्ंिचत होकर साइकिल पर निकल सकें। प्रशासक ने शहरवासियों से आग्रह किया कि वह ज्यादा से ज्यादा साइकिल का इस्तेमाल करें।