- प्रदेश में काफी पंचायतों ने खुद गांव में सैनिटाइजेशन करवाया है। यह एक सराहनीय काम है।
- एक हजार के करीब हरियाणा में ऐसी पंचायतें हैं जिनका कोई बजट नहीं है।
- ऐसे गांवों में इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के साथ मिलकर सैनिटाइजेशन करवाया जाएगा।
- सरकार मजदूरों को मूलभूत चीजों की सुविधा बनाकर रखेगी। मजदूर प्रदेश की धरोहर हैं।
- मजदूरों के खाते में वेतन जाएगा। उद्यमियों को निर्देश दिए गए।
सीएम मनोहर लाल ने मंत्रिमंडल बैठक के बाद बताया कि कोरोना सहित अनेक मुद्दों पर चर्चा हुई है। बाहरी मजदूरों, बेघर लोगों को भोजन और आश्रय की सुविधा मुहैया करवाने के उद्देश्य से 70,000 लोगों की क्षमता के 467 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इस समय 10,000 से अधिक लोगों को इन शिविरों में रखा गया है।
उन्हें पर्याप्त भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। जिन गरीब या प्रवासी मजदूरों के पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें पैक्ड राशन वितरित किया जा रहा है ताकि लॉकडाउन अवधि के दौरान उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। खास तौर पर शहरों में झुग्गियों में रहने वाले गरीबों को भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2020 को सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों को सेवा विस्तार प्रदान करने के लिए छह विभागों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। अब तक लगभग 60,000 वॉलंटियर्स ने इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है, जिसमें 800 डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ और राहत शिविरों में भोजन वितरण के काम में लगे अन्य लोग शामिल हैं। संबंधित जिला प्रशासन इन वॉलंटियर्स को जरूरत के आधार पर काम सौंपेगा और उन्हें पास भी जारी करेगा।