जालंधर के गांव शंकर के वसनीक पंजाबी सिंगर केएस मक्खन के गीत जमीन दा रोला को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गीत में हथियारों को प्रमोट करने का आरोप है। जिसकी शिकायत बठिंडा के एसएसपी को दी गई है।
शिकायतकर्ता पंडित राव धरनेवर ने मांग की है कि सरकार को इस पर सख्त एक्शन लेते हुए उन सीन को हटाना चाहिए, जिसमें हथियार दिखाए गए हैं। मक्खन का यह गीत अभी रिलीज नहीं हुआ है।
गायक मक्खन नशा तस्करी के एक मामले में जेल भी जा चुके हैं। जालंधर के नकोदर थाने में 1 अगस्त, 2006 को मक्खन के खिलाफ तस्करी का केस दर्ज हुआ था। यह मामला खुफिया एजेंसियों की इनपुट पर दर्ज हुआ ता। उस समय मक्खन कनाडा में थे। उनके मैनेजर समेत कई लोग आरोपी बनाए गए थे। इस मामले में मक्खन को जेल भी जाना पड़ा था।
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पंजाब में ड्रग नेटवर्क, ब्लैकमनी की कहानी पर बनी फिल्म "जुगनी हत्थ किसे न आउणी" में हीरो की भूमिका भी मक्खन ने निभाई थी। 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ चुके गायक मक्खन हाल में उस समय के देश के गृह मंत्री अमित शाह के एक देश एक भाषा संबंधी दिए गए बयान को लेकर सिंगर गुरदास मान की बात का समर्थन कर बैठे थे। जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था।
मक्खन ने ड्रग केस से बरी होने के बाद सिखी सवरूप धारण कर लिया और अमृतपान कर लिया। लेकिन कुछ समय बाद ही फेसबुक पेज पर लाइव होकर मक्खन ने सिख पंथ की निशानियां गुरुद्वारे जाकर गुरु चरणों में समर्पित कर दी थी। उनका कहना था कि अगर मैं सिखी से किसी का फायदा नहीं कर सकता तो मैं नुकसान के भी हक में नहीं हूं। कुछ लोग मेरे नाम के साथ धार्मिक विवाद जोड़ रहे हैं। मेरा नाम लेकर धर्म के नाम पर राजनीति हो रही है। मैं नहीं चाहता कि उनकी वजह से कोई धार्मिक विवाद शुरू हो, इसीलिए वह अपना सिखी स्वरूप छोड़ रहा हूं।