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भूमि अधिग्रहण बिल के इन 5 मुद्दों पर है ऐतराज

Sun, 05 Apr 2015 09:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से लाए जा रहे भूमि अधिग्रहण बिल का कांग्रेस डटकर विरोध करेगी।
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बिल को किसान विरोधी बताते हुए जयराम ने कहा कि केंद्र सरकार ने यूपीए सरकार द्वारा लाए गए बिल में तानाशाही तरीकेसे संशोधन कर किसानों की भूमि जबरन कब्जाने के रास्ते खोले हैं। जयराम शनिवार को चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने सभी दलों की सहमति से ही 1894 के कानून में बदलाव किया था, जिस पर लोकसभा में 8 बार और राज्यसभा में 7 बार बहस भी हुई, लेकिन अब आठ महीने में ही मोदी सरकार ने बिल पर यूटर्न ले लिया और तानाशाह तरीके से अध्यादेश के जरिए बिल में संशोधनों को पारित कराने पर आमादा है।
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पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ कांग्रेस की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में पंजाब प्रदेश अध्यक्ष प्रताप बाजवा, हरियाणा अध्यक्ष अशोक तंवर और चंडीगढ़ प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा मौजूद थे।
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इन पांच मुद्दों पर एतराज

2013 के कानून में निजी कंपनियों के लिए भूमि अधिग्रहण पर 80 फीसदी किसानों की सहमति जरूरी थी, मोदी सरकार ने संशोधित बिल में इसे हटा दिया है।2013 के कानून में सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन को शामिल किया गया था। इसमें यूपीए ने किसानों ही नहीं, खेत मजदूरों के लिए भी मुआवजे का प्रावधान किया था, लेकिन मोदी सरकार ने सोशल इम्पैक्ट को बिल से हटा दिया है।2013 के कानून में प्रावधान था कि पांच साल से इस्तेमाल नहीं की गई अधिग्रहीत भूमि किसान को लौटानी होगी, लेकिन 2015 के संशोधन में सरकार ऐसी भूमि अनिश्चितकाल केलिए अपने पास रख सकती है।वर्ष 2013 के कानून में प्रावधान था कि सरकार इंडस्ट्रियल कोरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण कर सकती है, लेकिन 2015 के संशोधित कानून में कोरिडोर के लिए ली जाने वाली भूमि के बाएं व दाएं एक किमी तक रकबा भी अधिग्रहण किया जा सकता है। ऐसी आशंका है कि यमुना एक्सप्रेस वे की तरह सरकार एक किमी का एरिया बिल्डरों के हवाले कर सकती है।वर्ष 2013 के कानून में प्रावधान था कि जिन किसानों ने अपनी भूमि के लिए अब तक मुआवजा नहीं स्वीकार किया है, उन्हें तय राशि से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। मोदी सरकार ने इस प्रावधान को नए बिल में हटा दिया है।
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