कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा पार्षद अरुण सूद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों का आरोप है कि सूद ने स्टडी टूर के लिए रिश्तेदारों की कंपनी हायर कर निजी लाभ पहुंचाया। इतना ही नहीं, सूद के एक रिश्तेदार पर दो जगह वोट बनवाने का आरोप है।
पार्षद सूद इन आरोपों को निराधार बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस पार्षदों ने सूद से इस्तीफे की मांग करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। कांग्रेसियों का आरोप है कि नगर निगम के स्टडी टूर के लिए जो कंपनी हायर की गई थी, वह भाजपा पार्षद और विपक्ष के नेता अरुण सूद के रिश्तेदारों की थी।
इस कंपनी के मालिक संजीव, अरुण सूद के जीजा हैं, जबकि दूसरे मालिक साहिल वैद उनके भांजे हैं। आरोप है कि स्टडी टूर के लिए कंपनी को कॉन्ट्रेक्ट देने में सूद की भी भूमिका थी। कांग्रेस पार्षद प्रदीप छाबड़ा ने मामले की सीबीआई जांच और सूद के इस्तीफे की मांग की है।
20 लाख दिए थे एडवांस, बाकी पेमेंट बाकी
नगर निगम का स्टडी टूर 31 अगस्त से नौ सितंबर तक चेन्नई, अंडमान-निकोबार और कोलकाता गया था। इसमें 20 पार्षद और छह अफसर गए थे। उनके साथ गए रिश्तेदारों को मिलाकर कुल 40 लोग टूर में शामिल थे। टूर पर करीब 28 लाख रुपये खर्च हुए थे, जिसमें 20 लाख रुपये कंपनी को एडवांस दिए गए। बाकी पेमेंट अभी नहीं दी गई है।
बिना ई-टेंडर दिया था कॉन्ट्रेक्ट
स्टडी टूर के लिए नगर निगम ने कोई ई-टेंडरिंग भी नहीं की थी। उक्त कंपनी को बिना टेंडर प्रक्रिया ही हायर किया गया था। कांग्रेस पार्षदों ने टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।
भाजपा पार्षद ने उठाया था मामला
स्टडी टूर का मुद्दा भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह ने उठाया था। अब इस मामले में भाजपा के ही पार्षद फंसते नजर आ रहे हैं। सतिंदर सिंह का कहना है कि वे शुरू से टूर का विरोध करते आए हैं। उनका कहना है कि सच जनता के सामने आना चाहिए।
पार्षद सूद बोले, मुझे जानकारी नहीं
टूर के लिए हायर की गई कंपनी के दोनों मालिकों संजीव और साहिल वैद के वोट भी अरुण सूद के घर के पते पर ही हैं। अरुण सूद सेक्टर-37बी के मकान नंबर 1185 में रहते हैं। सूद के भांजे साहिल वैद का वोट दो-दो जगह बना है। साहिल का दूसरा वोट सेक्टर-40बी के मकान नंबर 1030/1 के पते पर है।
अकेले साहिल ही नहीं, उनके पिता राकेश वैद का वोट भी इन्हीं दोनों एड्रेस पर है। कांग्रेस पार्षद प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि इसमें भी सूद की भूमिका की जांच होनी चाहिए। छाबड़ा ने कहा कि इस पर चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए।
वहीं, अरुण सूद का कहना है कि पहले ये रिश्तेदार उनके घर ही रहते थे। बाद में वे सेक्टर-40 में शिफ्ट हुए। सूद ने कहा कि उनके वोट दोनों जगह हैं, उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।
सूद ने भी गिनवाए घोटाले
सूद ने भी कांग्रेसियों पर जवाबी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी पार्षद सुभाष चावला ने ओपन हाउस में कहा कि था कि पार्किंग पास उनके दामाद की कंपनी में छपते हैं। उन्होंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा क्यों नहीं दिया।
सूद ने कहा कि मुंबई में बायोगैस प्लांट की स्टडी के लिए गए थे तो वहां कांग्रेस पार्षद प्रदीप छाबड़ा ने प्राइवेट होटल बुक करवाया था। बरसाना में लावारिस गाय भेजने के लिए जो ट्रक हायर किए गए थे, उनमें सुभाष चावला का हाथ था। सूद ने कहा कि कांग्रेस के पार्षद भाजपा में शामिल हो रहे हैं तो वे बौखलाहट में ऐसे आरोप लगा रहे हैं।
कोट्स...
मैं इससे मना नहीं कर रहा हूं कि ये कंपनी मेरे रिश्तेदारों की है, लेकिन टूर के लिए इन्हें हायर करने में मेरा कोई हाथ नहीं था। मैंने इसमें अपने प्रभाव का इस्तेमाल नहीं किया। कोई ऐसा साबित कर देगा तो मैं पार्षद पद से इस्तीफा दे दूंगा।
-अरुण सूद, भाजपा पार्षद