भारतीय जनता पार्टी में घमासान और तेज होगा। भाजपा कालोनी सेल के संयोजक अनिल दुबे को भाजपा ने मंगलवार को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है।
भाजपा महासचिव ने उन्हें इस संबंध में पत्र भेज दिया है। अनिल दूबे ने बताया कि इमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का इनाम भाजपा का वर्तमान नेतृत्व ने उन्हें दिया है।
अनिल दुबे को पार्टी ने 16 नवंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। दुबे ने पार्टी को 25 नवंबर को जवाब भेज दिया था। लेकिन पार्टी उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुई और उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी के कोलोनी सेल के संयोजक पद से पदमुक्त कर दिया।
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के समझ कुछ नेता अपना पक्ष रखेंगे। सूत्रों के अनुसार पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के समक्ष अनिल दुबे के समर्थक हंगामा भी कर सकते हैं।
गडकरी उद्योगपतियों और व्यापारियों की कान्फ्रेंस को बुधवार को सेक्टर-30 स्थित मक्खन शाह लुबाना भवन में संबोधित करेंगे।
इस संबंध में पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यपाल जैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता हरमोहन धवन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है।
यह था मामला...
कालोनी नंबर पांच की एकता कालोनी आंदोलन कर रही थी। वहां के लोगों को प्रशासन हटाने का परमान जारी कर दिया था।
एकता समिति की आंदोलन को पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन ने सहयोग किया। धवन ने जेल भरो आंदोलन भी किया। जेल भी गए। उनके साथ अनिल दूबे भी साथ थे। भाजपा का कहना था कि यह पार्टी का आंदोलन नहीं था।
चंडीगढ़ भाजपा के प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर ने बताया कि पार्टी के कोलोनी सेल के संयोजक पद से अनिल दुबे को पदमुक्त कर दिया गया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनके जवाब संतोषजनक नहीं थे। पार्टी डरनेवाली नहीं हैं। हंगामा से कुछ देर के लिए वाहवाही मिलती है। लंबे समय केलिए नुकसान होता है।
भाजपा के पूर्व पार्षद अनिल दुबे ने बताया कि मुझे ईमानदारी से काम करने की सजा मिली है। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के समझ यह मामला रखूंगा।