-अमृतधारी सदस्यों की संख्या केवल 60, अकाल तख्त आदेशों की अनदेखी का आरोप
अमृतसर। चीफ खालसा दीवान (सीकेडी) के सदस्यों की धार्मिक मर्यादा और अनुशासन पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। पूर्व सदस्य अवतार सिंह का दावा है कि संस्था के कुल 462 सदस्यों में से केवल 60 ही अमृतधारी हैं। उन्होंने यह आंकड़ा श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को सौंपी गई सूची के आधार पर पेश किया है।
अवतार सिंह के अनुसार अमृतसर इकाई में 250 सदस्यों में से सिर्फ 38 सदस्यों ने अमृतपान किया, जबकि लुधियाना इकाई में 62 सदस्यों में से केवल एक ही अमृतधारी है। उनका कहना है कि जिस संस्था ने सिख कौम के सामाजिक, धार्मिक और शैक्षिक नेतृत्व का दावा किया है, वहां सदस्यों का अमृतधारी न होना गंभीर आत्ममंथन की मांग करता है। पूर्व सदस्य ने जत्थेदार गडगज्ज से अपील की है कि सीकेडी के सभी सदस्यों को अमृतधारी बनाने का स्पष्ट आदेश जारी किया जाए और प्रत्येक सदस्य से अमृतपान का प्रमाणपत्र हासिल किया जाए, ताकि किसी तरह की ढील या भ्रम की गुंजाइश न रहे।
1 सितंबर 2025 तक सूची जमा करने का आदेश था
श्री अकाल तख्त ने 1 सितंबर 2025 तक सभी सदस्यों के अमृतपान करवाने और सूची जमा करने का आदेश दिया था। तय समय सीमा बीतने के बावजूद आदेश लागू नहीं हो सका। पूर्व सदस्य आरोप लगा रहे हैं कि संगठन में गैर-संवैधानिक तरीके से फैसले लिए जा रहे हैं। सीकेडी अध्यक्ष डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर ने अकाल तख्त में आश्वासन दिया था कि सभी सदस्यों की सूची जल्द भेज दी जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। अब यह देखने की बात है कि श्री अकाल तख्त साहिब इस मामले में कितना सख्त रुख अपनाता है।