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Ludhiana: लुधियाना में मांगों को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े कच्चे टीचर, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

Mon, 22 Jan 2024 02:20 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

लुधियाना के जवाहर कैंप में सोमवार को कच्चे टीचर अपनी मांगों को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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पानी की टंकी पर चढ़े कच्चे शिक्षक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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एक तरफ पूरा शहर अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जश्न मना रहा था, वहीं जवाहर नगर कैंप इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब दो महिला अध्यापकों समेत तीन टीचर पक्का करने की मांग को लेकर टंकी पर चढ़ गए।

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सुबह कड़कती ठंड में तीन अध्यापक पेट्रोल से भरी बोतलें साथ लेकर टंकी पर चढ़े और अपनी मांगे बताने लगे। उन्होंने सीधे-सीधे चेतावनी दी कि अगर किसी ने ऊपर आकर उन्हें बचाने की कोशिश की तो वह खुद को आग लगाकर नीचे कूद जाएंगे। सूचना मिलते ही थाना डिविजन पांच की पुलिस मौके पर पहुंच गई। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी वहां पहुंचे लेकिन प्रदर्शनकारी अध्यापकों ने किसी की नहीं सुनी।

करीब डेढ़ बजे एसडीएम हरजिंदर सिंह वहां पहुंचे तो उन्होंने अध्यापकों से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस बारे में सरकार से बात भी करेंगे और कोशिश रहेगी कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के बाद उनकी सीएम भगवंत मान से मुलाकात करवाई जा सके। इसके बाद तीनों अध्यापक नीचे उतरे।

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प्रदर्शनकारी अध्यापक समरदीप सिंह ने बताया कि वह और उनकी दो महिला साथी सुखजीत कौर और गुरजीत कौर तीनों मानसा इलाके के रहने वाले हैं और पिछले काफी लंबे समय से कच्चे तौर पर शिक्षा विभाग में बतौर टीचर तैनात हैं। उनके कई साथियों को पक्का कर दिया गया। उनकी 10 साल की अवधि भी पूरी हो चुकी है। इसके बाद उन्हें पक्का किया जाना था लेकिन एक साल से ऊपर का समय हो चुका है उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर रोका जा रहा है। 

पिछले छह महीने से वह तीनों शिक्षा विभाग के अलग-अलग अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं और पक्का करने के लिए नोटिफिकेशन के साथ-साथ कागजात मांग चुके हैं। मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी और हर बार टालमटोल किया जा रहा था। सागर ने बताया कि उनकी जत्थेबंदी भी लगातार पक्का करने की मांग उठा रही है लेकिन शिक्षा विभाग में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। 

वह सीएम भगवंत मान से मुलाकात करना चाहते हैं लेकिन उनसे भी मुलाकात नहीं करवाई जा रही। इस कारण उन्हें मजबूरन सोमवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे पेट्रोल की बोतलें लेकर ऊपर चढ़ना पढ़ा। इसके करीब छह घंटे बाद प्रशासन ने उन्हें अब आश्वासन दिया है कि उनकी मांग को पहल के आधार पर देखा जाएगा और साथ ही साथ सीएम से मुलाकात कराने की कोशिश की जाएगी।
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