प्रदर्शनकारी अध्यापक समरदीप सिंह ने बताया कि वह और उनकी दो महिला साथी सुखजीत कौर और गुरजीत कौर तीनों मानसा इलाके के रहने वाले हैं और पिछले काफी लंबे समय से कच्चे तौर पर शिक्षा विभाग में बतौर टीचर तैनात हैं। उनके कई साथियों को पक्का कर दिया गया। उनकी 10 साल की अवधि भी पूरी हो चुकी है। इसके बाद उन्हें पक्का किया जाना था लेकिन एक साल से ऊपर का समय हो चुका है उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर रोका जा रहा है।
पिछले छह महीने से वह तीनों शिक्षा विभाग के अलग-अलग अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं और पक्का करने के लिए नोटिफिकेशन के साथ-साथ कागजात मांग चुके हैं। मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी और हर बार टालमटोल किया जा रहा था। सागर ने बताया कि उनकी जत्थेबंदी भी लगातार पक्का करने की मांग उठा रही है लेकिन शिक्षा विभाग में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
वह सीएम भगवंत मान से मुलाकात करना चाहते हैं लेकिन उनसे भी मुलाकात नहीं करवाई जा रही। इस कारण उन्हें मजबूरन सोमवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे पेट्रोल की बोतलें लेकर ऊपर चढ़ना पढ़ा। इसके करीब छह घंटे बाद प्रशासन ने उन्हें अब आश्वासन दिया है कि उनकी मांग को पहल के आधार पर देखा जाएगा और साथ ही साथ सीएम से मुलाकात कराने की कोशिश की जाएगी।