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Chandigarh News: ‘चंडीगढ़-पंजाब को लगातार लिख रहे पत्र, नहीं लागू कर रहे आनंद कारज विवाह अधिनियम

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चंडीगढ़। आनंद कारज विवाह अधिनियम को लागू करने के लिए हम लगातार चंडीगढ़ व पंजाब सरकार को पत्र लिख रहे हैं लेकिन उनकी तरफ से जवाब नहीं दिया जा रहा। अगर यूटी प्रशासन व पंजाब सरकार इसे लागू नहीं करेंगे तो हम इसे सांविधानिक तरीके से लागू करवाएंगे। यह बात राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने बुधवार को सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में प्रेसवार्ता के दौरान कही।लालपुरा ने यूटी सचिवालय में प्रशासन के अधिकारियों के अलावा पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा के कई अल्पसंख्यकों के साथ बैठक की और उनकी समस्याएं सुनीं। कहा कि आयोग यह सुनिश्चित कर रहा है कि अल्पसंख्यकों के लिए केंद्र सरकार जो योजनाएं चला रही है, धरातल पर उसका लाभ लोगों को मिले। अल्पसंख्यकों को शिक्षा, रोजगार मिले, उनके साथ भेदभाव न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है।
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उन्होंने आनंद कारज विवाह अधिनियम पर पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को घेरा। कहा कि अगर एक-डेढ़ साल के कार्यकाल को छोड़ दें तो वर्ष 1956 से लेकर अब तक पंजाब में लगातार सिख मुख्यमंत्री ही रहा है लेकिन आज तक राज्य में आनंद कारज विवाह अधिनियम लागू नहीं किया गया। आयोग की तरफ से इस संबंध में लगातार यूटी व पंजाब को पत्र लिखा जा रहा है लेकिन पंजाब सरकार जवाब नहीं दे रही। कहा कि आनंद कारज विवाह अधिनियम 1909 में बना था लेकिन केरल, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में इसे लागू नहीं किया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार इसे जल्द लागू नहीं करते हैं तो वह सांविधानिक तरीका अपनाएंगे। उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश दिया है कि चंडीगढ़ में राज्य अल्पसंख्यक आयोग का भी गठन किया जाए क्योंकि दिल्ली समेत कई राज्यों व यूटी ने इसका गठन कर दिया है।

धर्मांतरण के मुद्दे पर बोले- हमने पंजाब से जानकारी मांगी
सिखों को ईसाई बनाने के सवाल पर लालपुरा ने कहा कि वह पिछले करीब डेढ़ साल से पंजाब सरकार से इस संबंध में जानकारी मांग रहे हैं लेकिन अब तक तीन पेशी के बाद भी जानकारी नहीं दी गई है। आयोग ने पूछा है कि पिछले कुछ सालों में पंजाब में कितने नए चर्च बने हैं, ईसाई समुदाय की जनसंख्या कितनी बढ़ी है और धर्मांतरण को लेकर सरकार के पास कौन-कौन से आंकड़े हैं। आयोग को अब तक पंजाब सरकार के जवाब का इंतजार है।
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कहा-साहिबजादों की याद में स्कूल बनाने के लिए मान सरकार को लिखा, नहीं मिला जवाब
लालपुरा ने कहा कि साहिबजादों के नाम पर उन्होंने भगवंत मान को एक चिट्ठी लिखी थी। कहा था कि साहिबजादा जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतह सिंह आनंदपुर साहिब में पैदा हुए थे इसलिए उनके नाम पर स्कूल बनाना चाहिए। कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा कि साहिबजादा अजीत सिंह पौंटा साहिब में पैदा हुए थे इसलिए वहां भी उनके नाम पर स्कूल बनाना चाहिए। पंजाब ने अब तक जवाब नहीं दिया है।

बंदी सिखों की रिहाई पर बोले- कानून को अपना कार्य करने देना चाहिए
बंदी सिखों की रिहाई पर लालपुरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने सिखों के लिए काफी कुछ किया है। वर्ष 2009 में भारत सरकार ने 18 लोगों को रिहा किया था। इसके अलावा कानून के मुताबिक सभी को पेरोल भी दिया जा रहा है। जेल में बंद कई लोग रिहा हुए हैं। 372 लोगों की ब्लैक लिस्ट खत्म हुई। करतारपुर कॉरिडोर समेत कई कार्य किए हैं। अब कानून को अपना कार्य करने देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो जेल में बंद हैं, उन पर टाडा लगा है।
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