चंडीगढ़ में समय पर कार की सर्विस न करना भगत फोर्ड को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने उसे सेवा में कोताही का दोषी करार दिया। साथ ही निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 15 हजार रुपये मुआवजा और सात हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे।
यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के अध्यक्ष राजन देवान, सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू और प्रीति मलहोत्रा ने सुनवाई के बाद दिया है। शिकायतकर्ता पीयू के पूर्व प्रोफेसर गुरदर्शन सिंह ढिल्लों निवासी सेक्टर-15 सी चंडीगढ़ ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 चंडीगढ़ स्थित मेसर्स भगत फोर्ड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने सात अगस्त 2015 को अपने दो वाहन फोर्ड आइकॉन और फोर्ड इको स्पोर्ट की सर्विस के लिए 8 अगस्त 2015 की बुकिंग कराई। शिकायतकर्ता सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर सर्विस स्टेशन पर वाहन और ड्राइवर के साथ पहुंच गए। वहां पहुंचकर संबंधित व्यक्ति को सूचित किया।
उनसे कहा गया कि समय पर सर्विस हो जाएगी और उनसे वेटिंग रूम में इंतजार करने को कहा गया। उसी दिन शिकायतकर्ता ने संबंधित व्यक्ति से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर संपर्क किया तो कहा गया कि दोनो वाहनों की सर्विस नहीं हो पाएगी।
एक गाड़ी आइकॉन कार की डिलीवरी चार बजे तक होगी और दूसरी गाड़ी की सर्विस अगले दिन होगी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने भगत फोर्ड के अधिकारियों के सामने मसला उठाया। इसके बाद वे अपनी गाड़ी से घर वापस आ गए। मेसर्स भगत फोर्ड ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।