बाटा इंडिया लिमिटेड को कैरीबैग के पैसे चार्ज करना महंगा पड़ गया है। फोरम ने कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार देते हुए पैसे लौटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया कि वह तुरंत सामान खरीदने वाले अपने सभी ग्राहकों को मुफ्त में कैरीबैग दें। कोर्ट ने टिप्पणी की है कि अगर कंपनियां सही मायने में ही पर्यावरण कार्यकर्ता हैं तो उन्हें अपने ग्राहकों को मुफ्त में कैरीबैग देना चाहिए।
फोरम ने बाटा कंपनी को पेपर कैरीबैग के लिए चार्ज किए गए 3 रुपये लौटाने व मानसिक पीड़ा व उत्पीड़न के लिए 3 हजार रुपये का मुआवजा देने के निर्देश दिए। एक हजार रुपये मुकदमा खर्च देने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही कंपनी को राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ के सेक्रेटरी के नाम पर कंज्यूमर लीगल ऐड अकाउंट में 5 हजार रुपये भी जमा करवाने के निर्देश दिए हैं।