प्रश्न- मैने भारत से लंदन जाने के लिए एक फ्लाइट टिकट बुक करवाई। यह फ्लाइट देरी से आई जिसकी वजह से मेरे परिवार को पंद्रह घंटे से ज्यादा का समय एयरपोर्ट पर बिताना पड़ा।
मेरी पत्नी के साथ पांच साल और तीन साल के दो बेटे भी थे। इन सभी ने एयरपोर्ट स्टाफ के बर्ताव की वजह से भारी परेशानी का सामना किया। स्टाफ ने उनको सही जानकारी तक नहीं दी। क्या मैं इस मामले में कंज्यूमर फोरम में शिकायत कर सकता हूं?
राघव गुप्ता, चंडीगढ़
उत्तर- मिस्टर राघव, आप अपने मामले को कंज्यूमर फोरम में कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के सेक्शन 2 (1) (जी) में लेकर जा सकते हैं। यह मामला सेवाओं में कमी का है। कुछ भी करने के पहले आपको अपनी शिकायत विमानन कंपनी को भेजनी चाहिए। यदि वह इस शिकायत पर कोई एक्शन नहीं लेते तो आप उनको लीगल नोटिस भेज सकते हैं। अगर फिर भी वह आपको राहत नहीं देते हैं तो आप शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
प्रश्न- मेरी मां ने मेडीक्लेम पालिसी ली थी। उनको पेट में सूजन आ गई और साथ ही पेट की कुछ बीमारी हो गई। कंपनी उनको क्लेम नहीं दे रही। सर्टिफिकेट होने के बावजूद कंपनी का कहना है मेरी मां तीन साल पहले से बीमार हैं न ही दो साल पहले से। अब मैं क्या करूं?
रचिता नेगी, चंडीगढ़
उत्तर- आपको एक शिकायत इंश्योरेंस लोकपाल के पास देनी होगी। बीमा लोकपाल आपकी बात को नहीं सुनता है तो आप मामले को लेकर कंज्यूमर फोरम में जा सकती हैं।
प्रश्न- मैं जिला कंज्यूमर फोरम में पास किए गए एक आर्डर के खिलाफ स्टेट कंज्यूमर फोरम में अपील करना चाहता हूं। इस केस को फाइल करने की फीस क्या होगी। कृपया अन्य तथ्यों को भी बताएं?
सुबोध शर्मा, पंचकूला
उत्तर- अपील के मामले में कोई भी कोर्ट फीस की आवश्यकता नहीं है। एक्ट के अनुसार राहत की पचास फीसदी राशि या नीचे दी गई राशि आपको पहले जमा करवानी होगी।
1-स्टेट कमीशन फोरम में अपील के लिए पच्चीस हजार रुपये की राशि।
2-नेशनल कमीशन में अपील के लिए 35 हजार रुपये की राशि।
3-सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया में अपील के लिए पचास हजार रुपये की राशि।
नोट-यह सभी राशि वापस होगी यदि आप केस जीत जाते हैं।