आपके साथ कभी न कभी ऐसा जरूर हुआ होगा कि आपके खाते से बैंक ने कुछ रकम काट ली और आपने बैंक से पता किया तो बताया गया कि यह रकम किसी चार्ज के नाम पर काटी गई है।
अगर अगली बार ऐसा हो तो उसके लिए आगाह हो जाएं। बैंक ऐसा किसी भी तरह का चार्ज नहीं काट सकती जिसके बारे में पहले से बताया न गया हो। बैंकिंग कोड्स एंड स्टैंडर्ड बोर्ड ऑफ इंडिया (बीसीएसबीआई) के चेयरमैन एसी महाजन ने इसकी जानकारी दी।
महाजन के अनुसार देश में मौजूद कोई भी बैंक ऐसा कोई भी चार्ज नहीं वसूल सकते जिसके बारे में कस्टमर को पहले से नोटिफाई न किया गया हो। इसके बावजूद अगर कोई भी बैंक चाहे वह प्राइवेट हो या पब्लिक किसी तरह का चार्ज वसूलता है तो यह गलत है। इसके खिलाफ कस्टमर बैंक ओबर्टहुसैन (बीओ) के पास शिकायत दर्ज करा सकता है।
इसके अलावा महाजन ने बताया कि देश के अधिकांश बैंकों में खाता खोलने के वक्त जो फार्म भरवाया जाता है उसमें टर्म और कंडीशन के पेज के फॉन्ट का साइज 10 से कम होता है। जबकि आरबीआई के नियमों के अनुसार यह इससे अधिक होना चाहिए। फॉन्ट छोटा होने के कारण अक्सर लोग इसे पढ़ते नहीं हैं और साइन करके बैंक को दे देते हैं। देश के 90 प्रतिशत से अधिक बैंक कस्टमर्स को टर्म और कंडीशन के बारे में बताते भी नहीं हैं। इस बारे में लोगों को जागरूक होना चाहिए।