चंडीगढ़। यूटी पुलिस के जिन दो बर्खास्त कांस्टेबल के खिलाफ नारनौल सिटी थाना पुलिस ने शराब तस्करी को लेकर आपराधिक केस दर्ज किया है, उसमें से पकड़े गए रविंदर को लेकर अहम खुलासा हुआ है। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस में तैनात रहा रविंदर अवैध शराब के कारोबार में हिस्सेदार था और उसने इस गैरकानूनी कारोबार में 1.40 लाख रुपये का निवेश भी किया था। उसने जल्द अमीर बनने के चक्कर में यह रास्ता चुना था।सूत्र बताते हैं कि हरियाणा पुलिस की टीम उसे जांच के सिलसिले में रविवार को चंडीगढ़ लाई थी। वहीं दूसरा कांस्टेबल सेक्टर-26 थाने में मुंशी रहा अनिल बीती 20 जून से फरार है। वह पुलिस चेकिंग के दौरान हाइवे पर वाहनों की भीड़ का फायदा उठा फरार हो गया था। दोनों पुलिसकर्मियों की वर्दी भी पुलिस ने गाड़ी से बरामद की थी। जांच में यह भी सामने आया है कि रविंदर जीरकपुर से शराब से भरे कैंटर को एस्कॉर्ट कर रहा था। कादीपुर गांव के पास चेकिंग के दौरान कैंटर से शराब की 256 पेटियां बरामद हुई थीं। वहीं पता लगा है कि एयर कंडीशनर का परमिट लेकर शराब की तस्करी की जा रही थी। मामले में छह आरोपियों में से चार गिरफ्तार हुए थे जबकि अनिल और नवीन फरार हो गए थे। कैंटर में गुजरात के अहमदाबाद के लिए यह शराब हरियाणा से होते हुए भेजी जा रही थी। कैंटर समेत स्कॉर्पियो पर फर्जी नंबर लगा हुआ था। वहीं, एक आई10 कार भी आरोपियों के पास थी। सूत्रों से पता चला है कि सिर्फ नवीन को पता था कि अहमदाबाद में शराब की डिलिवरी कहां और किसे करनी है। शराब की बोतलों पर दो फैक्ट्रियों का नाम मिला था। इस आधार पर भी पुलिस की जांच चल रही है। बता दें कि एक्साइज एक्ट समेत धेाखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में यह केस दर्ज किया गया था।