चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील और राष्ट्रीय निशानेबाज सिप्पी सिद्धू की हत्यारोपी कल्याणी सिंह के बयान शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत में दर्ज हुए। सीबीआई की ओर से लगाई गई याचिका में सीबीआई ने कहा था कि उन्होंने केस से जुड़े सभी दस्तावेजों की कॉपी कल्याणी को सौंप दी है। ऐसे में उसकी ओर से जो दस्तावेज मांगने की याचिका लगाई जा रही है, वह केस को गुमराह करने की साजिश है।
सीबीआई ने याचिका में कहा था कि कल्याणी के बयान दर्ज हो कि उसे कौन-कौन से दस्तावेज मिल चुके हैं। इस पर शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत में कल्याणी सिंह के अलावा केस के होल्डिंग इंवेस्टिगेशन ऑफिसर और एसएसपी रविंदर कुश के अलावा सरकारी वकील नमोल नारंग भी पेश हुए। सुनवाई के दौरान अदालत में सीबीआई ने बताया कि कल्याणी को एक 64जीबी की पेन ड्राइव दी गई है जिसमें सभी सबूतों की कॉपी है। उन्होंने बताया कि एक पेन ड्राइव में एमआर 7/19, आइटम नंबर 98, डी-37 में उल्लिखित डेटा की सॉफ्ट कॉपी, डी-39 से डी-43 और डी-45 से 48 सभी डेटा की सॉफ्ट कॉपी मौजूद है। होल्डिंग इंवेस्टिगेशन ऑफिसर कुश ने कहा कि सभी दस्तावेज आरोपी को उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कल्याणी ने एक सीलबंद पैकेट में भी दस्तावेजों की कॉपी सौंपी गई है जिस पर सात मुहरें लगी हुईं हैं। सीलबंद पैकेट पर सभी सात मुहरें ठीक पाई गईं हैं जबकि सीएफएसएल एके पीएचवाई सीएचडी की तीन सीलें तोड़ी गई हैं और इस बात का उल्लेख तीन जनवरी को किया गया था। अदालत में समक्ष अभियुक्त को उपलब्ध कराई गई सॉफ्ट कॉपी से मिलान किया गया। इस दौरान दो पेन ड्राइव के डाटा को भी मिलाया गया जोकि कल्याणी और सीबीआई की थी। सुनवाई के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 12 जनवरी की तारीख तय की है। उस दिन कल्याणी सिंह की रिमांड अवधि के दौरान की गई वीडियोग्राफी और ऑडियोग्राफी पर बहस होगी।
अदालत ने सीबीआई को रिकार्डिंग की कॉपी को उपलब्ध कराने के लिए आदेश दिए थे। अदालत ने सीबीआई को यह भी आदेश दिया कि अगली सुनवाई पर जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक डेटा, वस्तुओं की सूची पेश की जाए। यह आदेश अदालत ने कल्याणी की एक याचिका पर दिए हैं।