चंडीगढ़। मौसम में नमी और उसम के कारण आंखों में संक्रमण की शिकायत तेजी से बढ़ने लगी है। पीजीआई ने मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए संक्रमण के स्ट्रेन की जांच के लिए नमूने लेने शुरू कर दिए हैं ताकि किसी खतरनाक स्ट्रेन की पुष्टि होने पर बचाव संबंधी कार्य समय रहते किया जा सके। पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के प्रमुख प्रो. एसएस पांडव का कहना है कि नमूने वॉयरोलॉजी स्टडी के लिए भेजे गए हैं। इसकी रिपोर्ट आने के बाद स्ट्रेन के बारे में बताया जा सकेगा।
प्रो. एसएस पांडव ने बताया कि कंजक्टिवाइटिस के मरीज अलग-अलग जगहों से आ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि मरीज के आस-पास के लोग संक्रमण से बचाव के उपाय का गंभीरता से पालन करें। क्योंकि हवा के माध्यम से इसका संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि बचाव के लिए जब भी बाहर से आएं अपनी आंखों को ठंडे पानी से धुलें। गंदे हाथों से आंखों को न छुएं। अगर आंख से जुड़ी कोई दिक्कत हो तो बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से आई ड्रॉप लेकर न डालें क्योंकि ये लापरवाही बेहद खतरनाक हो सकती है। धूप में निकलते समय आंखों में सनग्लास पहन सकते हैं, जिससे आंख पर ज्यादा धूप नहीं पड़ेगी और संक्रमण का प्रभाव भी कम पड़ेगा।