चंडीगढ़। सदन की विशेष बैठक में कांग्रेस पार्षद पानी के बिल लेकर आए थे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि प्रशासन से लेकर सदन तक ने पानी के दाम घटाने की घोषणा कर दी, लेकिन अभी भी बढ़े हुए पानी के बिल आ रहे हैं। मेयर ने कहा कि आप अधिसूचना से पहले जारी हुए बिलों को लेकर आए हैं, अभी के लेकर आइए। इसके बाद पार्षदों ने बिल की प्रतियां फाड़कर सदन में फेंक दी। वहीं कांग्रेस पार्षद देवेंदर सिंह बबला ने भाजपा पार्षद आशा जसवाल की ओर से दिया गया 10 हजार रुपये का चेक भी फाड़ दिया।
कांग्रेस पार्षदों ने पानी के बढ़े हुए दामों के आ रहे बिलों पर हंगामा किया। मेयर ने कहा कि यह बिल मई से पहले के हैं। आपको शहर के विकास से कुछ लेना देना नहीं, बस नाटक करना होता है। इस दौरान आशा जसवाल ने कहा कि बबला ने पिछली बैठक में कहा कि एनजीटी में जेपी प्लांट से चल रहे विवाद की सुनवाई के दौरान वह मेरे साथ दिल्ली जाते थे। इस दौरान उन्होंने चाय, कॉफी व कोल्ड्रिंग पर 8 हजार रुपये खर्च किए थे। जो अब तक नहीं दिए गए, इसलिए मैं 10 हजार रुपये का चेक लेकर आई हूं। बबला ने कहा कि यह रुपये निगम से लेंगे। आशा जसवाल ने जबरन चेक देने का प्रयास किया तो बबला ने फाड़ दिया।
अब हर वार्ड को दी जाएगी अलग-अलग ट्रैक्टर ट्रॉली
शहर से कचरा उठाने को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाया। इस पर पार्षदों ने कहा कि हर वार्ड के अनुसार ट्रैक्टर ट्रॉली होना चाहिए ताकि कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय हो सके। उसके बाद निगम ने तय किया कि 6 माह के लिए 35 ट्रैक्टर ट्रॉली किराए पर ली जाएंगी। इसके अलावा निगम ने 117 चालक की नियुक्तियां को रद्द कर 122 नए चालकों की भर्ती की सहमति दी गई।