इतना ही नहीं प्रदेश कांग्रेस के समक्ष यह भी शिकायतें आई हैं कि मतदान के दिन कई बूथों पर तो कांग्रेसी अपने प्रत्याशी के लिए काम करने के बजाए विरोधी दलों के बूथों व पंडालों में खुलेआम बैठे रहे।
इसी के तहत प्रदेश कांग्रेस ने बूथवार हार-जीत की समीक्षा शुरू करवा दी है। ये रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है कि किन बूथों पर कांग्रेस जीती और कहां हारी। बूथ इंचार्ज कौन थे और वहां हार के कारण क्या रहे।
भितरघातियों की सूची और हार के सभी कारणों की पूरी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपी जाएगी। दूसरी ओर हार के बाद संगठन पर उठ रहे सवालों को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अब जल्द ही जिला और ब्लाक स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्तियों की प्रक्रिया भी शुरू करेगी।
हार के बाद कई लोग संगठन विस्तार पर सवाल खड़ा कर रहे हैं, जो कि गलत है। जिला और ब्लाक इकाई को छोड़कर पार्टी की बाकी सभी इकाइयां गठित है और उन्होंने इस चुनाव में काम भी किया है। ब्लाक इकाईयों की सूची भी हाईकमान को भेजी हुई है। जबकि जिलास्तर पर भी जल्द फैसला हो जाएगा। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इस चुनाव में पार्टी के भीतर कुछ लापरवाही देखने को मिली है, इसकी जानकारी हाईकमान को दी जाएगी। - डा. अशोक तंवर, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा कांग्रेस।