अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मोगा के सिविल अस्पताल से नशीली दवाओं के चोरी के मामले में पंजाब कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि ये चोरी केवल संयोग नहीं बल्कि नशा तस्करों संग संभावित मिलीभगत का नतीजा है। इतनी दवाओं में से सिर्फ नशीली दवाओं की चोरी ने सिविल अस्पताल प्रशासन पर सवालिया निशान लगा दिया है। वीरवार को मोगा सिविल अस्पताल से नशा छुड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा की 11,000 गोलियां चोरी हो गई थीं। बाजवा ने कहा कि करीब 7 लाख रुपये का चोरी हुआ स्टॉक न केवल एक वित्तीय नुकसान है बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक संभावित खतरा भी है। इस नशीली दवा को आमतौर पर नशेड़ी हेरोइन के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इस चोरी ने नशा मुक्त पंजाब के दावों पर पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिस अस्पताल के स्टोर से ड्रग्स चोरी की गई थी उसमें कोई सीसीटीवी निगरानी नहीं थी और कोई सुरक्षा गार्ड नहीं था। यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले साल बरनाला से भी इसी तरह की चोरी की सूचना मिली थी।