पंजाब कांग्रेस के प्रवक्ता सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया है कि एसवाईएल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को बीच में छोड़कर डिप्टी सीएम सुखबीर बादल भागते फिर रहे हैं। या फिर वह इनलो के साथ भाईचारा निभा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इनेलो के कदम से पंजाब का माहौल खराब हो सकता है, इसलिए मामले में प्रधानमंत्री को दखल देना चाहिए।
कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता के दौरान जाखड़ ने कहा कि एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट में पंजाब को अपना रिस्पॉन्स देना है, उसके बाद फैसला आना है। सुखबीर यह नहीं कह सकते कि वह चुनाव बाद छुट्टियां बिताने चले गए।
ऐसे अहम समय पर न तो सरकार है और न ही अकाली दल। उन्हें पीएम व गृहमंत्री से मिलकर बात करनी चाहिए थी कि इनेलो समस्या खड़ी करने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह इससे भाग रहे हैं। भाजपा से कोई उम्मीद की ही नहीं जा सकती, क्योंकि अमित शाह के बयान में कहीं भी पंजाब का जिक्र नहीं था।
कांग्रेस सरकार बनने पर रिव्यू होंगी तलवंडी साबो प्लांट की शर्तें
सुनील जाखड़
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सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब में सबसे बुरा हाल भाजपा का ही होगा। इसका कारण प्रधानमंत्री का अहंकार और नोटबंदी हैं। छोटा कारोबारी, शहरी भाजपा से बेहद नाराज हैं, पार्टी का पूरी तरह सफाया हो जाएगा।
जाखड़ ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के खिलाफ कोई फैसला दे दिया तो कानून-व्यवस्था का क्या होगा। ऐसे में प्रधानमंत्री को दखल देना चाहिए। पंजाब की भलाई के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत है।
सुखबीर की डिप्टी सीएम और शिअद प्रधान के तौर पर दोहरी जिम्मेदारी बनती है। अगर उन्हें छुट्टी मनानी है तो इस्तीफा दे दें, फिर राज्यपाल देखेंगे कि क्या करना है। जाखड़ ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रधान दोनों कह चुके हैं कि कांग्रेस का फोकस सस्ती बिजली देना है। सत्ता में आने के बाद तलवंडी साबो थर्मल प्लांट की शर्तें रिव्यू की जाएंगी। यह कंपनी कॉन्ट्रैक्ट लेने के योग्य ही नहीं थी, फिर भी दिया गया। एग्रीमेंट की जांच कराई जाएगी।