चंडीगढ़। चंडीगढ़ कांग्रेस ने पानी की दरें तीन गुना बढ़ाने पर नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के गेट पर ताला लगा दिया जिसे बाद में पुलिस ने तोड़ा। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। काला झंडा लेकर पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सांसद किरण खेर, महापौर और भाजपा पार्षदों के खिलाफ नारेबाजी की। नगर निगम गेट पर आने से पहले कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के कार्यालय के बाहर धरना दिया। धरने को पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन कुमार बंसल ने संबोधित किया।
बंसल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पानी के दाम बढ़ाने का फैसला जनता के खिलाफ है। पार्टी इसका विरोध करती है। नगर निगम की वित्तीय हालत बदतर होने के लिए भाजपा ही जिम्मेदार है। जब कांग्रेस नगर निगम में थी, तब 500 करोड़ रुपये की एफडी थी। अब हालत गंभीर हो गई है। पानी के दाम बढ़ा दिए गए हैं। लोगों के पास नौकरियां नहीं है। आय के साधन नहीं है। लॉकडाउन में जब लोग एकत्र नहीं हो सकते, तब केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन मनमर्जी करने लग गए हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली वित्त आयोग की ओर से नगर निगम को आधी ग्रांट भी मिल जाए तो सभी समस्याएं हल हो जाएंगी। पहले भी व अब भी नगर निगम सदन की फिजिकल बैठक बुलाई जानी चाहिए थी लेकिन अपनी जिम्मेदारी व जवाबदेही से भागने के लिए हर महीने वर्चुअल बैठक बुलाई जा रही है। भाजपा लोकतंत्र व्यवस्था को खत्म कर रही है। कांग्रेस पार्टी सड़क पर व कांग्रेस के पार्षद सदन में पूरा विरोध करेंगे।
इस मौके पर पवन शर्मा, हरफूल चंद्र कल्याण, दविंदर सिंह बबला, शीला देवी, सतीश कैंथ, गुरबख्श रावत, रविंदर कौर गुजराल, हरमोहिंदर सिंह लक्की, संदीप भारद्वाज, गुरचरण दास काला, अजय जोशी, गुरप्रीत सिंह गाबी, मोहम्मद सादिक, जतिंदर भाटिया, शशिशंकर तिवारी, हरमेल केसरी, दीपा दुबे, अनवर उल हक, यादविंदर मेहता, अजय शर्मा, जगजीत सिंह कंग, धर्मवीर, मंजीत चौहान, राजीव मौदगिल, जागीर सिंह, जीत सिंह, रवि ठाकुर, नरिंदर सिंह, अमन सिंह, सुरजीत ढिल्लों, परमजीत सिंह, संजीव गाबा, धर्मवीर सिसोदिया, हरनेक सेखों, बीरेंद्र रावत, राकेश बरोटिया सहित अन्य नेता शामिल हुए।
बैठक में भाजपा पार्षदों का शामिल न होना नौटंकी : छाबड़ा
अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि पहले ही लगातार करों का बोझ झेल रही चंडीगढ़ की जनता के ऊपर तीन गुना पानी के दामों में बढ़ोतरी लोगों के साथ अन्याय है और निगम को भंग कर देना चाहिए। बीजेपी के पार्षदों ने सदन में बैठक में शामिल न होने को नौटंकी करार करते हुए कहा कि जो पार्षद इस पानी के दरें बढ़ाने में शामिल थे। वे कांग्रेस के लगातार विरोध के बाद बैठक में न जाने का ढोंग करके जवाबदेही से भागने लगे हैं।
धरने में नाम न लेने पर अनवर उल हक नाराज, बोले- सम्मान नहीं मिला तो छोड़ देंगे पार्टी
चंडीगढ़। कांग्रेस की ओर से नगर निगम कार्यालय के बाहर धरने के दौरान अनवर उल हक का नाम न लिए जाने पर वह नाराज हो गए। इसकी शिकायत उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल से भी कर दी। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा को कहा कि वे पार्टी में सम्मान के लिए आए हैं। धरना के दौरान कई लोगों के नाम न लिए जाने के बाद वे नाराज हो गए। इस पर उन्होंने कहा कि अगर सम्मान नहीं मिला तो पार्टी छोड़कर किसी और पार्टी में चला जाउंगा।