पंजाब विधानसभा सेशन के दूसरे दिन विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया। इसे स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने स्वीकार कर लिया।
अब इस पर सोमवार को बहस कराई जाएगी। सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने सदन में खड़े होकर कहा कि वह सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दे रहे हैं, इसे स्वीकार किया जाए।
स्पीकर अटवाल ने पूछा कि कौन-कौन इसके पक्ष में हैं तो कांग्रेसियों केसाथ-साथ आजाद विधायकों बलविंदर बैंस और सिमरजीत सिंह बैंस ने भी खड़े होकर समर्थन किया। स्पीकर अटवाल ने कहा कि सोमवार को इस पर बहस कराई जाएगी।
बादल ने अविश्वास प्रस्ताव का स्वागत किया
पंजाब विधानसभा सत्र
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इस पर सीएम प्रकाश सिंह बादल ने खड़े होकर कहा कि कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाई है, यह अच्छी बात है। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। तभी स्पीकर खराब हो गया और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस दस मुद्दों को आधार बनाकर अविश्वास प्रस्ताव लाई है, जिनमें एसवाईएल के मुद्दे पर राज्य केहितों की रक्षा करने में असमर्थता, किसानों-मजदूरों के हितों की रक्षा न करने के कारण बढ़ती आत्महत्याएं, गिरती कानून-व्यवस्था की स्थिति, बढ़ते दलित उत्पीड़न के मामले, माफिया पर लगाम लगाने में असमर्थता, बेरोजगारी, खराब आर्थिक स्थिति, बहबल कलां फायरिंग में मारे गए युवकों को इंसाफ न मिलना शामिल हैं। इसके साथ ही गठबंधन के तीन विधायकों परगट सिंह, इंदरबीर बोलारिया और डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के खुली बगावत को भी मुद्दा बनाया गया है।