चंडीगढ़। कांग्रेस को गांधी-नेहरू परिवार के नेतृत्व से आगे बढ़ने की जरूरत है। अब यह वह पार्टी नहीं रही जिसके सिद्धांतों पर मैं विश्वास रखती हूं। यह बात देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कही। वह शनिवार को स्प्रिंग लिटरेटी फेस्ट में शामिल होने चंडीगढ़ पहुंचीं थीं। इस दौरान शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कांग्रेस पार्टी के साथ हुए विवाद पर भी खुलकर अपनी बात रखी। कहा कि कांग्रेस के साथ मेरा शुरू से जुड़ाव रहा लेकिन मेरी किताब प्रणब माई फादर : ए डॉटर रिमेम्बर्स के प्रकाशित होने के बाद मुझे लगातार ट्रोल किया गया। कांग्रेस के ही एक वरिष्ठ नेता ने मेरा ऑनलाइन यौन उत्पीड़न (सेक्सुअली अब्यूज) किया। फिर मैंने राहुल गांधी को खुला पत्र लिखा, बावजूद इसके कांग्रेस नेता ने लगातार ट्विटर (अब एक्स) पर अपमानजनक टिप्पणियां लिखीं। यह ठीक नहीं है।
शर्मिष्ठा ने कहा कि पार्टी हाईकमान ट्रोल करने की जानकारी देने के बावजूद कांग्रेस के उस नेता पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उस व्यक्ति को एक्स पर फॉलो कर रहे हैं। न्याय यात्रा निकाल रहे राहुल गांधी को लिखे पत्र में मैंने इस बारे में बताते हुए पूछा था कि क्या यही उनका न्याय है। पत्र का कोई जवाब नहीं आया, न ही कोई प्रतिक्रिया आई।
शर्मिष्ठा ने कहा कि उनके पिता ने कांग्रेस को अपने जीवन के 50 साल दिए और उन्होंने खुद वर्ष 2014 में कांग्रेस का दामन थामा था। उन्हें पार्टी से यह उम्मीद नहीं थी। शर्मिष्ठा ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा का वह पूरा समर्थन करती हैं लेकिन अब पार्टी में बहुत कुछ बदल चुका है। शर्मिष्ठा की किताब में प्रणब मुखर्जी की लिखी बात कि राहुल गांधी को अभी राजनीति में परिपक्व होना बाकी है, पर उन्होंने कहा कि डायरी पर लिखे नोट्स 10-11 साल पुराने हैं। वरिष्ठ राजनीतिज्ञ होने के नाते उनके पिता की यह बात नई पीढ़ी के एक नेता को कही थी, इसमें कोई बुराई नहीं।