उन्होंने कहा कि भाजपा ने अनुच्छेद 370 खत्म करने समेत नागरिकता संशोधन एक्ट, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर जरिये देश के नागरिकों के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी की हैं। साथ ही कहा कि कुदरती साधनों के साथ हो रहा खिलवाड़ भी बड़ी चुनौती बनकर उभरा है, इस पर भी गंभीर चिंतन की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरकारों को देश के प्रशासकीय ढांचे में बड़े बदलाव की भी जरूरत है। उन्होंने देश में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या पर भी चिंता जताई। आगे कहा कि मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद कर दी है। सीएए, एनआरसी भी नोटबंदी की तरह ही लोगों को लाइनों में खड़ा करने की कार्रवाई है, ताकि लोग सरकार की नाकामियों की तरफ उंगली न करें और आपस में ही उलझे रहें।
‘दिल्ली में लगातार तीसरी हार पर विचार की जरूरत’
सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि दिल्ली के विधानसभा चुनावों में लगातार तीसरी बार कांग्रेस की हार चिंताजनक विषय है और इस पर पार्टी को गंभीर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कद्दावर नेता स्वर्गीय शीला दीक्षित ने जो दिल्ली को विकास का मॉडल दिया था, उसे आज तक कोई नहीं छू पाया।