हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र हंगामेदार रहेगा। 20 फरवरी से शुरू होने वाले सत्र से पहले कांग्रेस ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। गठबंधन सरकार को कांग्रेस, धान घोटाले, न्यूनतम साझा कार्यक्रम, बुढ़ापा पेंशन में मात्र 250 रुपये बढ़ोतरी इत्यादि मुद्दों पर घेरेगी। बजट सत्र में हमलावर रहने को लेकर सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसकी अध्यक्षता की। हुड्डा के निवास पर हुई बैठक में अधिकांश विधायक शामिल हुए। हुड्डा की मौजूदगी में सभी विधायकों ने प्री बजट बैठक में दिए जाने वाले सुझावों और बजट सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की।
गठबंधन सरकार अभी तक अपना न्यूनतम साझा कार्यक्रम जारी नहीं कर पाई है। इसे लेकर निर्णय हुआ कि कांग्रेस सदन में भाजपा और जजपा दोनों को घेरेगी। अब तक न्यूनतम साझा कार्यक्रम तय न होने को लेकर सवाल पूछे जाएंगे। हरियाणा में सामने आए धान घोटाले को लेकर भी कांग्रेस, सरकार पर सीधा हमला बोलेगी। चूंकि, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग धान खरीद में 90 करोड़ रुपये का घोटाला बता चुका है तो सीएम, डिप्टी सीएम उसे नकार रहे हैं।
वृद्धावस्था और सामाजिक पेंशन को लेकर भी कांग्रेस भाजपा, जजपा को घेरती नजर आएगी। जजपा ने 5100 रुपये पेंशन करने व भाजपा ने महंगाई अनुसार पेंशन देने का वादा किया था लेकिन सत्ता में आने पर मात्र 250 रुपये ही पेंशन बढ़ाई है। इसके अलावा कर्मचारियों की मांगों को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे।
बढ़ते कर्ज, अपराध और विकास कार्य ठप होने को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। बैठक में पूर्व मंत्री व कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के पूर्व मंत्री पिता खुर्शीद अहमद की सोमवार को ही हुई मृत्यु पर दो मिनट का मौन भी रखा गया। खुर्शीद के निधन पर सभी कांग्रेस विधायक ने शोक जताया।
हुड्डा प्री बजट बैठक में शामिल नहीं हुए। वह विधायक दल की बैठक के बाद नूंह के लिए रवाना हो गए। आफताब अहमद की गिनती हुड्डा के खासमखास में होती है। उनके पिता खुर्शीद अहमद ने पांच बार विधायक, एक बार सांसद व मंत्री के तौर पर प्रदेश की सेवा की।