टोल प्लाजा पर कांग्रेस का प्रदर्शन
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आठ साल बीत जाने पर कंपनी ने इनका निर्माण पूरा नहीं किया है। जिसका नतीजा यह है कि इन तीनों जगह पर हर समय ट्रैफिक जाम रहता है। इन तीनों पुलों का निर्माण पूरा करने के लिए कई बार बैठक हो चुकी है। लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। लाडोवाल टोल प्लाजा पर कंपनी हर रोज 40 लाख रुपये का टैक्स एकत्र कर रही है। इसके बावजूद अधूरे ब्रिजों का निर्माण शुरू नहीं किया जा रहा है।
जालंधर-पानीपत राजमार्ग 290 किलोमीटर लंबा है। शहर में तीन फ्लाईओवर के डिजाइन को लेकर स्थानीय स्तर पर कुछ फेरबदल करने की मांग की गई थी। इसलिए डिजाइन में बदलाव को लेकर आला अधिकारियों को सूचित किया गया है। अप्रूवल मिलने के बाद इस काम को जल्द पूरा किया जाएगा। टोल प्लाजा को बंद करवाने की सूचना भी सीनियर अधिकारियों को दी जा चुकी है। इस मामले में जो उचित कानूनी कार्रवाई होगी। इसके बारे में सीनियर अधिकारी फैसला लेंगे। - नमीश तिवारी, कंपनी अधिकारी
रोजाना लाडोवाल टोल प्लाजा पर 50 लाख रुपये एकत्र होता है। 2009 से लेकर 2018 तक लगभग 1400 करोड़ रुपये कंपनी एकत्र कर चुकी है लेकिन तीन ओवर ब्रिज का निर्माण अभी तक पूरा नहीं किया गया। इस मामले पर विधानसभा कमेटी जांच के बाद फैसला दे चुकी है कि टोल बंद किया जाए। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्रधिकरण के परियोजना निदेशक भी कंपनी को निर्देश दे चुके हैं कि टोल प्लाजा को सस्पेंड किया जाए।
इसके बावजूद टोल की वसूली किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। हर रोज कभी विधायक, जिला प्रधान या फिर अन्य नेताओं की अगुवाई में यहां धरना होगा। जब तक ब्रिजों का निर्माण शुरू नहीं होगा, उस समय तक टोल नहीं चलने दिया जाएगा। -रवनीत बिट्टू, सांसद