सिद्धू के आक्रामक रूख से स्पष्ट है कि वह किसान संघर्ष के माध्यम से प्रदेश की राजनीति में दोबारा दस्तक देने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदेश के नवनियुक्त प्रभारी हरीश रावत के साथ हुई मुलाकात के बाद सिद्धू की ठंडी पड़ चुकी राजनीति को किसान आंदोलन कितनी धार दे पाएगा, यह तो समय ही बताएगा।
स्पष्ट है कि सिद्धू को शहर के कांग्रेसियों का समर्थन जुटाने में कड़ी मेहनत करनी होगी। यही कारण है कि सिद्धू ने इस प्रदर्शन में पूर्वी हलके के समर्थकों व पार्षदों के शामिल होने के बारे में कहा है। सिद्धू को कैप्टन समर्थक कांग्रेसियों का साथ मिलने की उम्मीद नहीं है।
वीडियो संदेश में पहले जैसे अंदाज नहीं
सिद्धू ने मंगलवार को एक वीडियो संदेश भी जारी किया है, जिसमें वह किसानों के पक्ष में बोल रहे हैं। अपनी कोठी में शूट किए गए इस वीडियो में सिद्धू अपने पुराने अंदाज में नहीं हैं। जित्तेगा पंजाब यू ट्यूब चैनल में इससे पहले उन्होंने जितनी बार भी वीडियो जारी की, वह सूट-बूट की साथ-साथ टाई पहने होते थे। आज वह सलवार कमीज में बहुत ही विन्रमता से अपनी बात रख रहे थे। उनकी बातों में वह विशिष्ट अंदाज नहीं था, जिसके लिए वह जाने जाते हैं।