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नवजोत सिद्धू ने किसान आंदोलन पर किए दो ट्वीट, लिखा- वही नाग बन बैठे हमें काट खाने को...

Tue, 22 Sep 2020 03:34 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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Navjot Singh Sidhu - फोटो : फाइल फोटो
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मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद डेढ़ साल से राजनीतिक वनवास झेल रहे पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू नए कृषि विधेयक के विरुद्ध संघर्ष कर रहे किसानों के पक्ष में मैदान में उतरेंगे। सिद्धू बुधवार सुबह 11 बजे पुराने और नए शहर को जोड़ने वाले भंडारी पुल पर किसानों का समर्थन करने आएंगे। उनके साथ उनकी विधानसभा क्षेत्र पूर्वी के समर्थक पार्षद व कार्यकर्ता भी होंगे। लंबी चुप्पी की आलोचना झेल रहे सिद्धू के लिए किसान आंदोलन मौका भी है, दस्तूर भी है, जैसी स्थिति लेकर आया है।

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वहीं मंगलवार को सिद्धू ने दो ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। पहले ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लिखे बिना लिखा... आवाज-ए-किसान, जिन्हें हम हार समझे थे गला अपना सजाने को, वही अब नाग बन बैठे हमारे काट खाने को। दूसरे ट्वीट में सिद्धू ने कृषि विधेयकों पर तंज कसते हुए कहा- काले बिल पास, पूंजीपतियों की कमाई का रास्ता साफ, किसान की राह में कांटे, पूंजीपतियों की राह में फूल, भारी पड़ेगी भूल। 

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सिद्धू के आक्रामक रूख से स्पष्ट है कि वह किसान संघर्ष के माध्यम से प्रदेश की राजनीति में दोबारा दस्तक देने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदेश के नवनियुक्त प्रभारी हरीश रावत के साथ हुई मुलाकात के बाद सिद्धू की ठंडी पड़ चुकी राजनीति को किसान आंदोलन कितनी धार दे पाएगा, यह तो समय ही बताएगा। 

स्पष्ट है कि सिद्धू को शहर के कांग्रेसियों का समर्थन जुटाने में कड़ी मेहनत करनी होगी। यही कारण है कि सिद्धू ने इस प्रदर्शन में  पूर्वी हलके के समर्थकों व पार्षदों के शामिल होने के बारे में कहा है। सिद्धू को कैप्टन समर्थक कांग्रेसियों का साथ मिलने की उम्मीद नहीं है।

वीडियो संदेश में पहले जैसे अंदाज नहीं
सिद्धू ने मंगलवार को एक वीडियो संदेश भी जारी किया है, जिसमें वह किसानों के पक्ष में बोल रहे हैं। अपनी कोठी में शूट किए गए इस वीडियो में सिद्धू अपने पुराने अंदाज में नहीं हैं। जित्तेगा पंजाब यू ट्यूब चैनल में इससे पहले उन्होंने जितनी बार भी वीडियो जारी की, वह सूट-बूट की साथ-साथ टाई पहने होते थे। आज वह सलवार कमीज में बहुत ही विन्रमता से अपनी बात रख रहे थे। उनकी बातों में वह विशिष्ट अंदाज नहीं था, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। 
 
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