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भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी नागरिकता कानून को बताया असंवैधानिक, बोले- कानूनी जांच होनी चाहिए

Mon, 20 Jan 2020 01:03 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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भूपेंद्र हुड्डा - फोटो : एएनआई
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नागरिकता कानून को लेकर कांग्रेस पुरजोर विरोध कर रही है। इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि संसद में एक बार कोई कानून या एक्ट पास हो जाता है तो संवैधानिक तौर पर मैं सोचता हूं कि कोई भी राज्य इसे लागू करने से इंकार नहीं कर सकता और उसे करना भी नहीं चाहिए, लेकिन नागरिकता संधोधन कानून की वैध जांच होनी चाहिए।
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केरल के बाद पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पास

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध करते हुए पंजाब कांग्रेस ने भी विधानसभा में इसके खिलाफ एक प्रस्ताव पास कर दिया है। सीएए को पूरी तरह पक्षपाती और भारतीय संविधान के धर्म निरपेक्ष ताने-बाने को तहस-नहस करने वाला असंवैधानिक कानून बताते हुए पंजाब विधानसभा ने ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित करके इसे रद्द करने की मांग की।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस कानून की तुलना जर्मनी में हिटलर द्वारा किए गए खास तबके के लोगों के नरसंहार से की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भी इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी। सदन में आम आदमी पार्टी ने प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि भाजपा और अकाली दल के विधायकों ने प्रस्ताव का विरोध किया।

सदन में प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सीएम ने कहा कि स्पष्ट तौर पर इतिहास से कोई सबक नहीं सीखा गया। उन्होंने केंद्र सरकार को नेशनल पापुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) से संबंधित फॉर्मों /दस्तावेजों में उचित संशोधन किए जाने तक इसका काम रोकने की भी अपील की। कैप्टन ने कहा कि आशंका जताई जा रही है कि यह राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर का आधार है और एक वर्ग को भारतीय नागरिकता से वंचित करने और सीएए को अमल में लाने के लिए तैयार किया गया है।
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