-चौधरी बीरेंद्र सिंह और कर्ण दलाल कह चुके कांग्रेस के साथ, लेकिन प्रचार से अभी दूर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। टिकट कटने से नाराज कांग्रेस के दिग्गज नेता अब नाराजगी दूर कर प्रत्याशियों के पास आने लगे हैं। भिवानी से किरण चौधरी के बाद अब गुरुग्राम से पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव खुलकर कांग्रेस प्रत्याशी राज बब्बर के साथ आ गए हैं। यादव ने दावा किया है कि वह टिकट कटने से नाराज नहीं हैं और खुलकर राज बब्बर का साथ देंगे और उनके लिए वोट मांगेंगे। हालांकि, चौधरी बीरेंद्र सिंह हिसार से प्रत्याशी जेपी और कर्ण दलाल फरीदाबाद से प्रत्याशी महेंद्र प्रताप सिंह के प्रचार से दूरी बनाए हुए हैं।
टिकट आवंटन के बाद से हरियाणा के चार दिग्गज नेता प्रदेश नेतृत्व के साथ साथ हाईकमान से नाराजगी जाहिर की थी। इनमें बेटी श्रुति चौधरी को भिवानी-महेंद्रगढ़ से टिकट न मिलने से किरण चौधरी, बेेटे बृजेंद्र सिंह को हिसार से टिकट नहीं मिलने से चौधरी बीरेंद्र सिंह, खुद का टिकट कटने से कर्ण दलाल और कैप्टन अजय यादव नाराज हो गए थे। चारों नेताओं ने टिकट नहीं मिलने के बाद से अपने समर्थकों की बैठकें बुलाई और उनके साथ राय की। इसी बीच हाईकमान के मान मनोव्वल के बाद से चारों नेताओं ने कांग्रेस पार्टी में रहने की बात कही और एक-एक करके प्रत्याशियों के साथ आने लगे। इनमें सबसे पहले पहल किरण चौधरी ने की। रविवार को तोशाम में कार्यालय खोले जाने के दौरान किरण चौधरी राव दान सिंह के साथ मौजूद रही। सोमवार को गुरुग्राम में राज बब्बर को कैप्टन अजय यादव का साथ मिल गया। कांग्रेस प्रत्याशी फिल्म अभिनेता राज बब्बर के समर्थन में कैप्टन अजय सिंह ने झाड़सा स्थित कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की सभा भी बुलाई। सभा के बाद दोनों नेताओं ने एक साथ पत्रकारों से भी बात की। कैप्टन अजय ने कहा कि वह चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन किन्हीं कारणों से टिकट नहीं मिला। इस बात की खुशी है कि राज बब्बर लोगों के बीच में जा रहे हैं। उन्होंने भी पांच दिन तक विचार किया, लेकिन आज संविधान को बचाने की जरूरत है, लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है।
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बड़े चक्रव्यूह को तोड़ बाहर आई किरण चौधरी
एक बड़े चक्रव्यूह को तोड़ने में किरण चौधरी कामयाब रही। किरण की नाराजगी को देखते हुए राव दान सिंह किरण चौधरी के भतीजे अनिरुद्ध चौधरी को लेकर तोशाम में कार्यालय खोलने पहुंचे और उनको यहां की कमान संभालने की तैयारी थी। जैसे ही किरण चौधरी को इसकी भनक लगी तो वह राव दान सिंह के पास पहुंच गई और कहा कि तोशाम में कार्यालय उनके समर्थक ही संभालेंगे। इसके बाद अनिरुद्ध चौधरी वहां से चले गए। सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस के एक धड़े की तैयारी थी कि चौधरी बंसीलाल के समर्थकों की वोट हासिल करने के लिए रणबीर महेंद्रा के बेटे को आगे किया गया था, लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ पाई।