फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: चार सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी लगभग तय, भिवानी पर फंसा पेंच

विज्ञापन
विज्ञापन
-सोनीपत से प्रत्याशी फाइनल करने से पहले भाजपा की सूची का इंतजार
विज्ञापन

भिवानी-महेंद्रगढ़ से श्रुति चौधरी और राव दान सिंह के बीच कांटे की टक्कर

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस ने हरियाणा की चार लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम लगभग तय कर लिए हैं। गुरुग्राम से कैप्टन अजय यादव, फरीदाबाद से पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप के बेटे विजय प्रताप, रोहतक से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा या दीपेंद्र हुड्डा और हिसार से पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं। इनके अलावा पांचवीं सीट भिवानी-महेंद्रगढ़ को लेकर पेंच फंसा है। कांग्रेस सोनीपत में प्रत्याशी फाइनल करने से पहले भाजपा की सूची जारी होने का इंतजार कर रही है। इसके अलावा करनाल, अंबाला और सिरसा को लेकर अभी मंथन चल रहा है। कांग्रेस को उम्मीद है कि अगर भाजपा मौजूदा सांसदों की टिकट काटती है तो नाराज सांसद को साधा जा सकता है।
कांग्रेस में सबसे बड़ा पेच भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट को लेकर फंसा है। यहां पर पूर्व सांसद श्रुति चौधरी और महेंद्रगढ़ से विधायक राव दान सिंह के बीच कड़ी टक्कर है। दोनों ही अपने-अपने तरीके से जातीय और क्षेत्रीय समीकरण बताकर खुद को मजबूत दावेदार बता रहे हैं। हालांकि, लगातार दो बार हार के चलते श्रुति चौधरी की बजाय हाईकामन राव दान सिंह पर दांव खेल सकता है।
विज्ञापन

हरियाणा की नौ सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी कांग्रेस में प्रत्याशियों की सूची तैयार करने को लेकर पैनल बनाए जा चुके है और स्क्रीनिंग कमेटी की तीन बैठकें हो चुकी हैं। बैठक में सभी सीटों पर आए दावेदारों पर मंथन किया जा चुका है और अब नौ सीटों पर एक या दो ही नेताओं के नाम हैं। गठबंधन के तहत कुरुक्षेत्र सीट पहले ही आम आदमी पार्टी के हिस्से आ चुकी है और यहां से आप के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सुशील गुुप्ता मैदान में उतर चुके हैं।
विज्ञापन


दिग्गजों पर दांव खेलेगी कांग्रेस
धरातल की हकीकत यह है कि कांग्रेस की तरफ से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला व किरण चौधरी जैसे दिग्गज चुनाव लड़ने से इन्कार कर चुके हैं। हरियाणा में लोकसभा के तुरंत बाद विधानसभा का चुनाव होना है। ऐसे में लोकसभा चुनाव का परिणाम हरियाणा में विधानसभा चुनाव को पूरी तरह से प्रभावित करेगा, लेकिन हाईकमान ने साफ कर दिया है कि दिग्गजों को पहले लोकसभा चुनाव लड़ना होगा। इसी फार्मूले के तहत सबसे पहले बड़े चेहरों को मैदान में उतारा जाएगा और बाद में भाजपा की सूची के आधार पर फैसला लिया जाएगा। क्योंकि भाजपा चुनाव को लेकर अधिक गंभीर है और अब तक दो केंद्रीय मंत्रियों तथा पूर्व मुख्यमंत्री को लोकसभा चुनाव मैदान में उतार चुकी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें