चंडीगढ़ में इस मानसून के बाद सड़कों की हालत और भी खस्ता होने वाली है। इससे मरम्मत का बजट बढ़ना तय है। नगर निगम ने मानसून से पहले 65 ऐसी सड़कों की सूची तैयार की है, जिनकी पिछले 5 साल या उससे अधिक समय से मरम्मत नहीं की गई है।
इन सड़कों की मरम्मत के लिए 47 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तैयार किया गया था लेकिन अब जानकारों का मानना है कि बारिश के बाद कई सड़कें खराब से बहुत ज्यादा खराब की श्रेणी में आ जाएंगी, जिससे बजट 70 करोड़ रुपये से भी अधिक होने की संभावना है।
बजट और परेशानी दोनों बढ़ेंगी
कांग्रेस पार्षद और डिप्टी मेयर तरुणा मेहता ने कहा कि बारिश के बाद सड़कों का दोबारा सर्वे कराना पड़ेगा। इससे न केवल नगर निगम का बजट बढ़ेगा बल्कि लोगों की परेशानी भी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि बारिश से पहले ही बजट मिल गया होता और सड़कों को ठीक करा दिया गया होता तो यह स्थिति नहीं आती।
अक्तूबर तक रहेगी परेशानी
नगर निगम प्रशासन पहले बहुत खराब और फिर खराब सड़कों को ठीक करने की योजना पर काम कर रहा था लेकिन अब ज्यादातर सड़कों का बहुत खराब श्रेणी में आना तय है। सामाजिक कार्यकर्ता कुलजिंदर सरां का कहना है कि चंडीगढ़ में पिछले कई साल में सड़कें इतनी खराब कभी नहीं रही हैं।
वित्तीय संकट से जूझ रहा नगर निगम
मौजूदा अनुमान के हिसाब से सड़कों को सही करने में करीब 47 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। वहीं, नगर निगम इंजीनियरिंग विंग के सूत्रों का कहना है कि मानसून के बाद यह बजट 70 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकता है। वित्तीय संकट से जूझ रहे नगर निगम के लिए यह राशि जुटाना काफी मुश्किल होगा। सदन में बताया गया था कि प्रशासन से 238 करोड़ रुपये का बजट मिलेगा लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी यह बजट अभी तक नहीं आया है।
वी-3 सड़कों के हैंडओवर का फैसला
नगर निगम सदन के विरोध के बावजूद नगर आयुक्त अमित कुमार ने अपने विशेष अधिकार का प्रयोग करते हुए शहर की वी-3 सड़कों को प्रशासन को सौंपने का फैसला किया है। उन्होंने प्रशासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा है। शहर में वी-3 श्रेणी की 68 सड़कें हैं। सदन में अमित कुमार पहले ही बजट की कमी का जिक्र कर चुके थे।
बारिश के बाद सड़कें ज्यादा खराब होती हैं। इससे बजट भी बढ़ेगा। बजट मिलते ही सितंबर और अक्तूबर में खराब सड़कों को सही कर दिया जाएगा।
-हरप्रीत कौर बबला, मेयर चंडीगढ़