चंडीगढ़। सेक्टर-45 स्थित सिविल अस्पताल में इलाज के साथ-साथ बीमारी फैलाने का भी पूरा इंतजाम है। स्थिति यह है कि परिसर में पिछले डेढ़ महीने से पानी भरा हुआ है। इसमें मच्छर पनप चुके हैं लेकिन नगर निगम और प्रशासन में शिकायत किए जाने के बाद भी कार्रवाई की जहमत तक नहीं उठाई जा रही। इससे अस्पताल में तैनात डॉक्टर और कर्मचारियों के साथ इलाज के लिए आने वाले मरीज भी परेशान हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि कहीं वे मलेरिया या चिकनगुनिया के शिकार न हो जाएं।अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि बुड़ैल की तरफ आ रही एक पाइप में लगभग डेढ़ महीने पहले लीकेज शुरू हुआ। इससे लगातार पानी इकट्ठा हो रहा है। उसे ठीक करवाने के लिए नगर निगम में शिकायत करने पर जवाब मिला कि यह प्रशासन के अन्तर्गत है। प्रशासन ने भी इसकी जिम्ममेदारी नगर निगम पर डाल दी है। कर्मचारियों ने बताया कि नगर निगम के कुछ कर्मचारियों ने लगभग 15 दिन पहले मौका मुआयना भी किया। समस्या को 24 से 48 घंटे में ठीक करने का आश्वासन दिया और फिर नहीं आए।
आधुनिकीकरण तो दूर सफाई तक उपलब्ध नहीं
गौरतलब है कि प्रशासन शहर के स्वास्थ्य और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को उच्चीकृत करने का प्रयास कर रहा है। वहीं ओर स्थिति यह है कि डॉक्टर और मरीज के ठीक से बैठने तक की व्यवस्था सही नहीं है। लोगों का कहना है कि पहले मौजूदा स्थिति को बेहतर करने पर फोकस होना चाहिए ताकि कम से कम मरीज अपने मर्ज का इलाज तो साफ-सुथरी जगह पर जाकर प्राप्त कर सकें।
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शिकायत दर शिकायत पर नतीजा शून्य
जल जमाव से मुक्ति के लिए सिविल अस्पताल की तरफ से नगर निगम को लगातार पत्र और ई-मेल से शिकायत भेजी जा रही है लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आ रहा है। मच्छरों से बचाव के लिए कर्मचारी मलेरिया विभाग से अनुरोध कर लगातार एंटी लारवा का छिड़काव करवा रहे हैं लेकिन दो दिन बाद फिर स्थिति पुरानी जैसी हो जा रही है।